स्टेट हाईवे (सहारनपुर-कुरुक्षेत्र) से लेकर शहर की ज्यादातर सड़कें खस्ताहाल हैं। ऐसे में मानसून के दौरान राहगीरों को सड़कों के गड्ढों से झटके लगना तय है। कारण कि फिलहाल सड़कों के काम एस्टीमेट व टेंडर में ही अटके हुए हैं। सड़कों की दशा सुधारने का काम शेष एक माह में पूरा करने के लिए संबंधित विभागों के अफसरों को अब जादू की छड़ी ही तलाशनी होगी।
स्टेट हाईवे (सहारनपुर-कुरुक्षेत्र) पर जोड़ियों से लेकर विश्वकर्मा चौक तक सड़क बदहाल है। इस 2.18 किमी. हिस्से में 7.43 करोड़ से सीसी (सीमेंट-कंकरीट) रोड बननी है पर अभी तक इसका टेंडर सिरे नहीं चढ़ा। पहले तीन मार्च को लगे टेंडर में बिड करने वाली दो फर्मों के दस्तावेजों में कमी मिली, वहीं सिंगल फर्म रहने पर टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। दोबारा लगे टेंडर में 11 मई तक बिड मांगी गई, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में मानसून तक यह काम पूरा होता नहीं दिख रहा, जबकि मार्ग पर जगह-जगह दो से चार इंच गहरे और एक से चार फीट तक चौड़े गड्ढे हैं। फिलहाल वाहन चालक दिनभर बचते-बचाते निकलते हैं और रात में बिना स्ट्रीट लाइट के अंधेरे में गड्ढों का पता ना लगने पर झटके झेलते हैं। मानसून के दौरान गड्ढों में जलभराव से झटकों संग हादसे की आशंका बढ़ना तय है। ये हालात तब हैं, जबकि यह प्रमुख मार्ग है और यमुनानगर, कुरुक्षेत्र तथा सहारनपुर को जोड़ता है। साथ ही दोनों ओर रिहायशी कॉलोनियों सहित कई औद्योगिक इकाइयां हैं, जिससे मार्ग पर 24 घंटे भारी और अन्य वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसी ही स्थिति शहर की अन्य सड़कों की भी है। इसमें महाराणा प्रताप चौक से रेलवे वर्कशॉप रोड, शहीद भगत सिंह चौक से गुरुनानक खालसा कॉलेज रोड, चूना भट्टी से यमुना नहर की पटरी, सेक्टर-17 व 18 और मॉडल टाउन में मुख्य व लिंक मार्ग, जगाधरी में देवीभवन बाजार, रेलवे बाजार, प्रकाश चौक से इंजीनियरिंग कॉलेज की रोड शामिल है। इनमें अधिकतर सड़कों का काम अप्रूवल से लेकर एस्टीमेट व टेंडर में अटके हैं।
वार्ड-7 से पार्षद रामआसरा भारद्वाज, वार्ड-8 से विनोद मरवाह, वार्ड-13 से निर्मल चौहान ने कहा कि गत वर्ष की तरह इस बार भी विभागों के अफसरों ने सड़कों के निर्माण व मरम्मत कराने में देरी कर दी। वो अभी भी अप्रूवल, एस्टीमेट व टेंडर जैसी औपचारिकताएं पूरी करने में लगे हैं। इसे देख लगता है कि सड़कों के सुधार के लिए अभी कम से कम तीन माह और इंतजार करना पड़ेगा, जबकि एक माह में मानसून दस्तक दे देगा, जिसके बाद करीब दो माह तक यह काम नहीं हो पाएंगे। उन्होंने मांग उठाई कि विश्वकर्मा चौक से जोड़ियों सहित वह सभी मार्ग जो पूरी तरह टूटकर बिखर चुके हैं, वहां तत्काल पैचवर्क कराया जाए, जिससे अभी व बारिश के सीजन में गड्ढों से कुछ राहत मिल सके।
एसके रोड, वर्कशॉप और रेलवे रोड के निर्माण के लिए टेंडर किए गए हैं, जिनकी प्रक्रिया चल रही है। ऐसे ही अन्य कई सड़कों के निर्माण व मरम्मत के काम टेंडर के जरिए ही होंगे। प्रयास रहेगा कि वर्क अलॉट होने पर समय पर कार्य पूरे कराए जाएं।- नवीन खत्री, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।
नगर निगम क्षेत्र में लगती सड़कों के निर्माण और मरम्मत के लिए संबंधित शाखा को निर्देश दिए गए हैं। जल्द जरूरी सड़कों पर यह काम पूरे कराए जाएंगे।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।