संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। व्यासपुर से रणजीतपुर होते हुए हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे धनौरा गांव तक सड़क का नवीनीकरण होगा। सड़क के निर्माण पर करीब 5.34 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए पीडब्ल्यूडी नारायणगढ़ ने निविदा लगा दी है। इस सड़क के बनने से न केवल सरस्वती उद्गम स्थल आदिबद्री तक बल्कि सिखों की पहली राजधानी लोहगढ़ तक जाने की राह आसान होगी।
नवंबरमें कपालमोचन में गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर राज्यस्तरीय मेले का भी आयोजन होना है। मेला शुरू होने से पहले सड़क निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। व्यासपुर से धनौरा तक सड़क की लंबाई करीब 18.5 किलोमीटर है। कई साल से इस सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। रणजीतपुर से ही सड़क आदिबद्री की तरफ जाती है।
इसी तरह रणजीतपुर से धनौरा के बीच से ही सड़क लोहगढ़ को जाती है। आदिबद्री और लोहगढ़ को विकसित करने के लिए राज्य सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। दोनों ही जगह न केवल धार्मिक बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसलिए सरकार इन दोनों ही जगह पर कोई न कोई कार्यक्रम सालभर में आयोजित करवाती रहती है।
ऐसे में सड़क से मुख्यमंत्री समेत कई वीआईपी का आना जाना लगा रहता है। इसलिए सड़क निर्माण बहुत जरूरी है। दूसरा धनौरा से ही हिमाचल प्रदेश की सीमा सटी हुई है। हिमाचल के लोग अपने वाहनों या फिर रोडवेज की बसों से व्यासपुर और यमुनानगर आना जाना करते हैं।
कपालमोचन से साढौरा तक भी बनना है रोड
व्यासपुर-धनौरा के अलावा पीडब्ल्यूडी द्वारा कपालमोचन से साढौरा तक भी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 14 किलोमीटर लंबी यह सड़क भी कपालमोचन मेला से पहले बननी है। इस सड़क पर 4.21 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसका टेंडर होकर वर्क अलॉट हो चुका है। इस सड़क की हालत तो बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है। बड़े-बड़े गड़्ढों की वजह से लोगों का सफर करना मुश्किल हो गया है। कपालमोचन क्षेत्र की यह दोनों ही महत्वपूर्ण सड़कें हैं। ऐसे में इनके नवीनीकरण से क्षेत्र के लोगों की कई साल तक की समस्या खत्म हो जाएगी।
व्यासपुर से धनौरा तक सड़क का नवीनीकरण किया जाना है। इस पर करीब 5.34 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसकी निविदा प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इसका काम शुरू करवा दिया जाएगा। कपालमोचन से साढौरा तक सड़क का काम राज्यस्तरीय मेला शुरू होने से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
- अमित मलिक, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी नारायणगढ़।