संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डीसी पार्थ गुप्ता की अनुपस्थिति में सड़क सुरक्षा की बैठक मंगलवार को जिला सचिवालय के सभागार एडीसी नवीन आहूजा की अध्यक्षता में हुई। आरटीए सचिव हैरतजीत कौर ने विभिन्न विभागों ने सड़क सुरक्षा के लिए किए गए कार्यों का लेखाजोखा प्रस्तुत किया। चर्चा के दौरान सड़कों की ज्यादातर कमियां बजट न होने या फिर टेंडर नहीं लगने से दूर नहीं होने की बात सामने आई।
महीने में एक बार होने वाली रोड सेफ्टी की बैठक को भी अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे। अधिकारियों के पास बैठक में आने तक का भी समय नहीं है। पीडब्ल्यूडी नारायणगढ़ के एक्सईएन कभी बैठक में नहीं आए। आरटीए सचिव हैरतजीत कौर ने एडीसी को बताया कि इनकी तरफ से कभी एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) भी नहीं भेजी जाती। पीडब्ल्यूडी यमुनानगर एक्सईएन कार्यालय की तरफ से भी इस बार एटीआर नहीं भेजी गई।
हालांकि एक्सईएन पुनीत मित्तल बार-बार कहते रहे कि उन्होंने एक दिन पहले ही शाम को एटीआर भेज दी थी। सचिव का कहना था कि उन्हें एटीआर नहीं मिली। यमुनानगर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन पुनीत मित्तल ने बताया कि कमियों को दूर करने के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजे हैं, जिन्हें अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। कुछ काम करवा दिए गए हैं। महाराणा प्रताप चौक (पुराना नाम कमानी चौक) से रेलवे बाइपास के बीच हो रहे हादसों को कम करने पर भी बात हुई।
गत बैठक में यहां लगी रेलिंग को 10 फीट तक ऊंचा उठाने को कहा गया था, लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ। आरओबी के नीचे बंद पड़े अंडरपास को खोलने के लिए भी अभी काम शुरू नहीं हुआ। मामला टेंडर प्रक्रिया में लटका है। जगाधरी में महाराजा अग्रसेन चौक और मटका चौक के बीच गुप्ता पैलेस के पास पूर्व विधायक डॉ. बीएल सैनी के पेट्रोल पंप के सामने हाइवे के डिवाइडर पर बने कट को बंद करने की सिफारिश पिछली बैठक में की गई थी।
यहां पर तीन साल में 23 हादसे हो चुके हैं, जिनमें 10 लोगों की जान जा चुकी है। वाहन चालक पेट्रोल पंप के सामने इस कट से निकलते हैं और सड़क हादसों का शिकार हो जाते हैं। एडीसी आहूजा ने कहा कि इस कट को अस्थायी तौर पर बंद किया गया था, लेकिन इसके आसपास कई अस्पताल भी हैं, इसलिए एंबुलेंस को आने जाने में भी दिक्कत होगी।
ट्रैफिक पुलिस ने चालान की संख्या बढ़ाकर इस बार मई माह में 6941 तक पहुंचा दी। लोगों के चालान किए गए। अप्रैल में 4393 चालान ही हुए थे। एडीसी ने शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने, चालान की संख्या बढ़ाने, ओवरलोड के चालान ज्यादा करके जुर्माना लगाने के लिए कहा।
सड़क हादसों के आंकड़ों ने चौंकाया
जिले में हर माह औसतन 25 लोगों की सड़क हादसों में मौत होती है। इस बार आइरेड की तरफ से जो रिपोर्ट दी गई उसके अनुसार 23 जून तक जिले में केवल तीन लोगों की ही सड़क हादसों में जान गई है। यह देख कर सब हैरान रह गए, क्योंकि मई में 25, अप्रैल में 36 व मार्च में 23 लोगों की जान गई थी। एडीसी ने इसकी जांच करके सही रिपोर्ट देने को कहा। बैठक में एएसपी अमरिंद्र सिंह, जगाधरी के एसडीएम सोनू राम, व्यासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल, एसडीएम छछरौली रोहित कुमार, रादौर के एसडीएम नरेंद्र कुमार, एडवोकेट सुशील आर्य आदि मौजूद रहे।