संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। जगाधरी-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत किसी से छिपी नहीं है। राजमार्ग पर कई जगह गहरे गड्ढे हैं। तारकोल-बजरी से बने हाईवे की मरम्मत गलियों में लगाई जाने वाली इंटरलॉक टाइलों से की जा रही है। यह देखने वाला कोई नहीं है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर फैजपुर की जामा मस्जिद के सामने लंबे समय से गहरा गड्ढा था। जिसमें गिर कर राहगीर चोटिल हो रहे थे। दो दिन पहले भी यहां एक महिला अपने बच्चों समेत गड्ढे में गिर गई थी। जिनको गंभीर चोटें आई थी। तब हाईवे के गड्ढों से हो रहे हादसों के मामले का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिस पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने तुरंत संज्ञान लिया और इस गड्ढे की मरम्मत शुरू कर दी।
इतनी जल्दी मरम्मत शुरू होने से ज्यादा इसका तरीका हैरान कर देने वाला है। गड्ढे में साबूत इंटरलॉक टाइलें लगा दी गई। टाइलों की साइड में तारकोल-बजरी का मिक्सचर भर दिया गया। तारकोल व बजरी से बने हाईवे की मरम्मत का यह कौन सा तरीका यह सभी की समझ से परे हैं। लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि लगता है कि एनएचएआई के पास तारकोल-बजरी से मरम्मत के लिए पैसा नहीं है।
हालांकि नेशनल हाईवे पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं। जिनकी तरफ एनएचएआई का फिलहाल कोई ध्यान नहीं है। ग्रामीण यामीन, नेक मोहम्मद, यासीन, सतीश कुमार, सालीम का कहना है कि वैसे तो ताजेवाला से लेकर लाल ढांग कलेसर तक हाईवे में जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए है। हाईवे का बरम काफी गहरा हो चुका है।
जिसकी वजह से हादसे होना आम बात हो गई है। आए दिन कोई न कोई वाहन गहरे गड्ढों की वजह से क्षतिग्रस्त हो रहा है। नेशनल हाईवे पर बने गहरे गड्ढों को भरवाने के लिए कई बार संबंधित विभाग को अवगत करा चुके हैं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है।