संवाद न्यूज एजेंसी
सरस्वतीनगर (यमुनानगर)। सरस्वती धाम अब पहले से और विकसित किया जाएगा। यहां रिवर फ्रंट और कॉरिडोर का निर्माण भी किया जाएगा। करीब डेढ़ करोड़ कार्य पर लागत आने का अनुमान है। योजना को तीन फेज में अमलीजामा पहनाया जाएगा।
पहले फेज में पर्यटकों के लिए दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित करने के साथ बोटिंग की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इस कार्य को हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड की ओर से कराया जाएगा। हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमिच ने बताया कि सरस्वती धाम क्षेत्र को विकसित करने में लगेहैं। इसी कड़ी के अंतर्गत जिले के गांव मिल्क माजरा में सरस्वती नदी के तट पर रिवर फ्रंट बनाने के कार्य का शिलान्यास किया जा चुका है।
व्यासपुर आजाद आश्रम से लेकर सरस्वती धाम तक के 20 किलोमीटर के क्षेत्र को सरस्वती धाम कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। सरस्वती धाम कॉरिडोर बनने से क्षेत्र में पर्यटन व धार्मिक गतिविधियों को अत्याधिक बढ़ावा मिलेगा। सरस्वती धाम पर रिवरफ्रंट बनाने के साथ-साथ बोटिंग की गतिविधियां व एम्यूजमेंट पार्क का निर्माण भी किया जाएगा।
यहां आने जाने वाले युवाओं, बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों की सुविधा के लिए ट्रैक का निर्माण भी किया जाएगा। सरस्वती नदी का जल जब लगातार प्रवाहित होगा तो इससे इस क्षेत्र का वाटर लेवल भी ऊपर आएगा व डार्क जोन की समस्या का भी काफी हद तक समाधान हो सकेगा। रिवर फ्रंट बनने के बाद पर्यटकों की संख्या भी बढ़ेगी, साथ ही क्षेत्र का विकास भी होगा।