फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: संकरे गलियारे में ओपीडी से मरीजों कोे संक्रमण का खतरा

Tue, 07 Jul 2026 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
 अस्पताल में डॉक्टरोंं के केबिन के बाहर एक दूसरे से सट कर बैठे लोग। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना उमड़ने वाली भीड़ के कारण मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों का एक-दूसरे से सटकर निकलना मजबूरी बन गया है। गर्मी और उमस के मौसम में यह स्थिति संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका को और बढ़ा रही है।
अस्पताल में वर्तमान में रोजाना करीब 2000 से 2200 मरीज विभिन्न विभागों की ओपीडी में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या के मुकाबले ओपीडी क्षेत्र छोटा होने के कारण सुबह से दोपहर तक यहां लगातार भीड़ बनी रहती है। जिस कॉरिडोर से मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही होती है, उसके दोनों ओर सर्जरी, हड्डी रोग, फिजिशियन, एनसीडी सहित कई विभागों की ओपीडी संचालित हो रही हैं।
विज्ञापन

ऐसे में एक विभाग के बाहर लगी कतार दूसरे विभाग तक पहुंच जाती है और पूरा रास्ता लोगों से भर जाता है। स्थिति यह है कि मरीजों को जांच कक्ष तक पहुंचने या बाहर निकलने के लिए भी भीड़ के बीच से गुजरना पड़ता है। बुजुर्ग, महिलाएं और गंभीर मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार व्हीलचेयर और स्ट्रेचर निकालने में भी दिक्कत आती है।
भीड़ के कारण मरीजों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखना संभव नहीं हो पाता, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। परेशानी केवल ओपीडी तक सीमित नहीं है। अस्पताल के पंजीकरण काउंटर पर भी सुबह से लंबी कतारें लग जाती हैं। पर्ची बनवाने के लिए मरीजों और उनके परिजनों को काफी देर तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।
भीड़ बढ़ने पर धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बन जाती है, जिससे मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। ओपीडी क्षेत्र का स्वरूप ऐसा होना चाहिए, जहां मरीजों की आवाजाही व्यवस्थित हो और पर्याप्त खुला स्थान उपलब्ध हो। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर संक्रामक रोगों के फैलने की संभावना अधिक रहती है। ऐसे में ओपीडी की व्यवस्था को मरीजों की संख्या के अनुरूप विकसित करना जरूरी है।
विज्ञापन

अस्पताल के नक्शे के हिसाब से ही ओपीडी की व्यवस्था पहले से यही है। अस्पताल में रोजाना ओपीडी बहुत ज्यादा है। संक्रमण न हो इसके लिए नियमित सफाई भी करवाई जाती है। - डॉ. विपुल गोयल, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।

 अस्पताल में डॉक्टरोंं के केबिन के बाहर एक दूसरे से सट कर बैठे लोग। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें