संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। राइस मिलर्स एसोसिएशन ने मांगों के समर्थन सोमवार को अंबाला सांसद वरुण मुलाना, साढौरा से कांग्रेस विधायक रेनू बाला और पूर्व विधायक बलवंत सिंह को ज्ञापन सौंपे। मिलरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो वह आगामी सीएमआर सीजन में धान की कुटाई का कार्य बंद नहीं करेंगे।
रणजीतपुर राइस मिलर्स एसोसिएशन ने पूर्व विधायक बलवंत सिंह, छछरौली राइस मिल एसोसिएशन ने एसडीएम को, यमुनानगर एसोसिएशन ने अंबाला सांसद को मांगपत्र सौंपे। राइस मिलर्स एसोसिएशन से वरिष्ठ उप प्रधान नरेश राणा, रणजीत एसोसिएशन के प्रधान हेमंत गुर्जर, पंकज अग्रवाल, संदीप सिंगला, सचिन बंसल, महेंद्र अग्रवाल, अभिषेक, मनन सिंगला, नरेश गुर्जर, नीरज कुमार ने मांग पत्र में कहा कि पंजाब सरकार ने सीएमआर की डिलीवरी को आगे बढ़ा दिया है।
हरियाणा सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया है। इससे राइस मिलरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार व भारतीय खाद्य निगम की गलत नीतियों के कारण राइस मिलर्स मुश्किल के दौर से गुजर रहे हैं। गत वर्ष भारतीय खाद्य निगम के गोदाम में चावल रखने की जगह न हाेने के कारण कुछ ब्लॉक के राइस मिलर्स की चावल की डिलीवरी लंबित है।
मांग की है कि सीजन शुरू होने से पहले मिलर्स को चावल लगाने के लिए जगह निर्धारित की जाए। स्टेशन के अनुसार गोदाम में जगह उपलब्धता की सूची बना कर जारी जाए। राइस मिलर्स को अपने स्टेशन के समीप गोदाम में चावल लगाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध करवाई जाए। धान कुटाई का चावल 67 की जगह 62 प्रतिशत लिया जाए।
कहा कि धान की अधिकतर कटाई कंबाइन मशीन से होने के कारण चावल में टुकड़े की मात्रा अधिक आती है। चावल की सीएमआर डिलीवरी में टुकड़े की मात्रा 25 से बढ़ाकर 35 प्रतिशत की जाए। राइस मिलर्स की जिम्मेदारी केवल मिलिंग की होनी चाहिए। सीजन के दौरान राइस मिलर्स को अपने स्टेशन के बजाय दूसरे स्टेशन में चावल लगाना पड़े तो उक्त गोदाम तक राइस मिलर्स को अतिरिक्त किराया दिया जाए।
राइस मिलर्स को धान उठान किराया मार्केट रेट पर दिया जाए। सरकारी एग्रीमेंट के अनुसार गत वर्ष ड्राइएज एक प्रतिशत मिलना तय हुआ था, लेकिन सीएमआर की डिलीवरी पूरी होने पर आधा प्रतिशत दिया गया जिसके राइस मिलर्स में भारी रोष है। राइस मिलर्स ने चेतावनी देते हुए कहा कि उक्त समस्याओं को जल्द समाधान नही किया गया तो आगामी धान सीजन में राइस मिलर्स सीएमआर का कार्य करने में असमर्थ होंगे।