डीएफएससी कार्यालय में नारेबाजी करते राइस मिल संचालक। संवाद
यमुनानगर। जिले की सात राइस मिलों में धान घोटाला सामने आने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से राइस मिलों में रखे धान का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। बार-बार करवाए जा रहे सत्यापन के विरोध में शुक्रवार को जिलाभर के राइस मिलर डीएफएससी कार्यालय पर एकत्रित हुए। राइस मिलरों ने नारेबाजी की और अपनी मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। राइस मिलरों ने शुक्रवार रात से सोमवार तक राइस मिलों को बंद करने का निर्णय लिया है। मिलरों ने कहा यदि धान के सत्यापन के नाम पर उन्हें परेशान करना बंद नहीं किया गया तो वह इसके बाद धान कुटाई नहीं करेंगे। उन्होंने यहां तक कह दिया है कि सरकार अपना धान उनकी राइस मिलों से उठा सकती है।
जिला यमुनानगर राइस मिल्स एसोसिएशन के जिला प्रधान मनीष बंसल के नेतृत्व में राइस मिलर शुक्रवार को डीएफएससी कार्यालय में पहुंचे। जहां पर राइस मिलरों ने नारेबाजी की। मनीष बंसल ने कहा कि वह 20 साल से भी ज्यादा समय से अपनी राइस मिलों में सरकार का धान कूट एफसीआई को चावल दे रहे हैं। पूरे प्रदेश में यमुनानगर की चावल सप्लाई 99 प्रतिशत से ऊपर रहती है। राइस मिलों में रखे धान का सरकार सत्यापन करवाती है इससे उन्हें कोई एतराज नहीं है। बार-बार सत्यापन कराकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। इससे वह अपना काम सुचारू रूप से नहीं कर पा रहे हैं। यदि ऐसे ही दोबारा सत्यापन के नाम पर उन्हें परेशान किया जाता रहा तो वह एफसीआई को चावल कैसे दे पाएंगे। इसलिए उन्होंने धान की कुटाई न करने का निर्णय लिया है। इसके लिए फिलहाल वह शुक्रवार रात से सोमवार तक अपनी राइस मिलों में धान कुटाई का कार्य बंद कर रहे हैं। यदि फिर भी उन्हें परेशान किया गया तो वह धान कुटाई नहीं करेंगे। सरकार चाहे तो अपना धान उनकी मिलों से उठा सकती है। इस मौके पर राइस मिल एसोसिएशन के रादौर प्रधान अजेश अग्रवाल, जगाधरी प्रधान पीयुष गर्ग, प्रतापनगर प्रधान अनुज अग्रवाल, प्रदीप जगाधरी, गौरव शर्मा छछरौली, चिराग खेत्रपाल छछरौली, कुश गंभीर जगाधरी, अभिषेक अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल समेत अन्य मौजूद रहे।
विभाग की ओर से राइस मिलों में भौतिक सत्यापन करवाया जा रहा है। जल्द ही यह कार्य पूरा हो जाएगा। राइस मिलरों ने अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन मुख्यालय में भेज दिया गया है। किसी भी राइस मिलर को बेवजह परेशान नहीं किया जा रहा है।
- जतिन मित्तल, डीएफएससी, यमुनानगर।