जगाधरी (यमुनानगर)। जहां कई लोग मतदान को केवल छुट्टी का दिन मानते हैं। वहीं कुछ लोग इस दिन को राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का दिन मानते हैं। यूं तो हजारों लोग मतदान करते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दूसरों के लिए मिसाल बन जाते हैं। ऐसे ही दो मतदाता जगदीश और उनकी पत्नी समेरी हैं।
जगदीश और उनकी पत्नी समेरी शारीरिक रूप से निशक्त हैं। दोनों चलने फिरने में असमर्थ हैं। ऐसे में भी दोनों केंद्र पर मतदान करने पहुंचे। दोनों जब केंद्र में दाखिल हुए तो हर कोई उन्हें देखकर दंग रह गया। सभी लोग उनके जज्बे को सलाम करने लगे। जगदीश अपनी ट्राइसाइकिल पर पहुंचे और उनकी पत्नी ट्राइसाइकिल के पायदान पर बैठी थीं।
यही नहीं जगदीश ने अपनी गोद में उनका चार साल का बेटा भी बैठाया हुआ था। पूर्ण रूप से निशक्त होने के बाद भी दोनों लोकतंत्र के उत्सव में अपनी भागीदारी निभाने पहुंचे। पुराना हमीदा के रहने वाले जगदीश व समेरी पूर्ण रूप से निशक्त हैं। उन्हें जानकारी थी कि निशक्त लोगों की वोट प्रशासनिक अधिकारी घर पहुंचकर ले रहे हैं। परंतु उनके घर कोई नहीं आया।
इस पर शनिवार को जगदीश ने ट्राइसाइकिल के पायदान पर पत्नी और गोद में बच्चे को बैठाया और मतदान केंद्र पहुंच गए। पुराना हमीदा में पानी टंकी के पास स्थित बूथ नंबर 199 पर दंपती ने वोट किया। यहां पहुंचने पर तो कतार में खड़े सभी लोग हैरान हो गए। लोगों ने उनके इस जज्बे को सलाम किया। केंद्र के बाहर लोगों ने उनके साथ सेल्फी ली और शुभकामनाएं दीं। इस निशक्त दंपति का यह जज्बा सभी लोगों के लिए मिसाल है। जो राष्ट्र प्रेम को अपनी शारीरिक निशक्ता से बड़ा मानते हैं। संवाद