छछरौली (यमुनानगर)।
खैर तस्करी के लिए बदनाम खंड छछरौली के जाटोवाला गांव में रिकॉर्ड 97 फीसदी मतदान हुआ है। जिले में सबसे ज्यादा मतदान प्रतिशत में भी जाटोवाला गांव ही अव्वल है। खंड छछरौली के घाड़ क्षेत्र में बसे जाटोवाला गांव कुछ दिन पहले तक खैर तस्करी के लिए बदनाम था। जाटोवाला के पड़ोसी गांव डारपुर में भी 96.7 प्रतिशत मतदान हुआ है। यह दोनों गांव अंतिम छोर पर बसे हैं। इससे आगे हिमाचल के गांव हैं।
जाटोवाला के ग्रामीणों में मतदान करने की होड़ ने जिले के सभी गांवों व शहर को पछाड़ते हुए रिकॉर्ड 97 फीसदी मतदान किया है। जाटोवाला गांव में हुए मतदान की चर्चा आसपास के गांव में भी हो रही है। दूसरे गांव के लोग चर्चा करते नजर आ रहे हैं कि जो गांव खैर तस्करी के लिए बदनाम था।
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इस गांव में वोट डालने को लेकर ग्रामीणों में बड़ी जागरूकता आश्चर्य का कारण बनी हुई है। गांव के सरपंच इस्ताक ने जानकारी देते हुए बताया कि जाटोवाला गांव में कुल वोट 954 है। जिनमें से 13 लोगों की मौत हो चुकी है और 940 वोट पोल हुई है। सरपंच ने बताया कि इस बार गांव में ज्यादा से ज्यादा वोट डलवाने के लिए युवाओं ने बढ़-चढ़कर काम किया है।
पंचायत की तरफ से पहले ही युवाओं को दिशा निर्देश दिए गए थे कि सभी युवा अपने गली मोहल्ले परिवार में सभी को वोट डालने के लिए लेकर आएंगे। सभी युवाओं ने सुबह 7:00 से ही वोट डलवाने का कार्य शुरू कर दिया था। वोट डलवाने की अपील भी बार-बार पंचायत की तरफ से की जा रही थी। जिसका बेहतर परिणाम सामने आया है।
गांव के युवाओं ने बहुत ही मेहनत की है। गांव के जो बुजुर्ग चलने की हालत में नहीं थे। उनको बाइक कार इत्यादि में लेकर आए और उनका वोट डलवाया गया है। जिले में सबसे ज्यादा 97 फीसदी मतदान जाटों वाला गांव में हुआ है। इसके लिए गांव के युवा बधाई के पात्र हैं। सरपंच ने बताया कि गांव के सभी युवा मेहनती हैं। पर उस समय बहुत दुख होता है जब गांव के युवाओं पर कई कई झूठे खैर तस्करी के मुकदमे दर्ज हुए हैं।
काफी मुकदमों में युवा कोर्ट से बरी भी हो गए हैं। खैर तस्करी को लेकर गांव की छवि को खराब किया गया था। ग्रामीणों व युवाओं ने अब ठान लिया है कि सामाजिक अच्छे कामों में युवा बढ़-चढ़कर भाग लेंगे और गांव की जो छवि खैर तस्करी को लेकर खराब की गई थी। उसको सुधारने पर कार्य किया जा रहा है। संवाद