संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सेवा स्टाफ की कमी और जर्जर वाहनों के कारण दबाव में है। विभाग के पास वर्तमान में 24 एंबुलेंस हैं और इनके लिए केवल 25 इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) ही उपलब्ध हैं। वहीं चालकों की संख्या 70 है।
स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक एंबुलेंस में चालक के साथ एक ईएमटी का होना अनिवार्य है। कर्मचारियों की कमी के चलते अधिकांश एंबुलेंस चालक अकेले ही कॉल मिलने पर मरीजों या जरूरतमंदों तक पहुंच रहे हैं। जिले में पहले 20 एंबुलेंस संचालित थीं। इनमें से 13 एंबुलेंस जर्जर श्रेणी में पहुंच चुकी हैं।
हाल ही में एनसीआर क्षेत्र से चार अतिरिक्त एंबुलेंस भेजी गई हैं, लेकिन ये भी पुरानी होने के कारण राहत सीमित ही मानी जा रही है। इससे एंबुलेंस की संख्या बढ़कर 24 जरूर हो गई है, लेकिन वाहनों की गुणवत्ता और पर्याप्त स्टाफ का अभाव अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
दुर्घटना, गंभीर बीमारी या अन्य आपात स्थिति में केवल चालक के लिए मरीज को सुरक्षित तरीके से एंबुलेंस तक पहुंचाना आसान नहीं होता।
कई बार मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाने, प्राथमिक उपचार देने और रास्ते में उसकी स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रशिक्षित ईएमटी की जरूरत होती है। ऐसे में चालक को अकेले ही सभी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। सबसे अधिक परेशानी रात के समय सामने आती है। कई स्थानों पर चालक को मरीज को लेने, परिजनों या फिर आसपास से जा रहे लोगों की मदद का इंतजार करना पड़ता है।
इससे आपातकालीन सेवाओं में देरी होने की आशंका बनी रहती है। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि पर्याप्त संख्या में ईएमटी की नियुक्ति होने से एंबुलेंस सेवा अधिक प्रभावी और सुरक्षित हो सकेगी।
ईएमटी होते हैं प्रशिक्षित स्वास्थ्य कमचारी
ईएमटी एंबुलेंस सेवा का प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी होता है। किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले मरीज की शारीरिक स्थिति का आकलन करना, रक्तचाप, नाड़ी, ऑक्सीजन स्तर और सांस की जांच करना इसकी जिम्मेदारी होती है। जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार देना, ऑक्सीजन उपलब्ध कराना, रक्तस्राव रोकना, मरीज को सुरक्षित तरीके से स्ट्रेचर पर लेटाकर एंबुलेंस में शिफ्ट करना और अस्पताल पहुंचने तक उसकी लगातार निगरानी करना भी ईएमटी का कार्य है। गंभीर मरीजों के मामले में वह अस्पताल को पहले से सूचना देकर इलाज की तैयारी भी सुनिश्चित कराता है।
उपलब्ध संसाधनों के साथ एंबुलेंस सेवा संचालित की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। एंबुलेंस सेवा और मजबूत करने के लिए मुख्यालय से ईएमटी मांगे हैं। - डॉ. सुशीला सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन, आपात सेवाएं।