जेएमआईटी इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते निदेशक।संवाद
रादौर। जेएमआईटी व जेएमआईईटीआई के संयुक्त सौजन्य से शनिवार को दो दिवसीय विज्ञान, अभियांत्रिकी एवं प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। इस दौरान भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. संजीव अग्रवाल ने इलेक्ट्रॉन बीम एक्सीलरेशन पर व्याख्यान दिया। डॉ. संजीव अग्रवाल ने कहा कि विज्ञान, इंजीनियरिंग व प्रबंधन का समन्वय न केवल तकनीकी विकास को बढ़ावा देता है बल्कि सामाजिक समस्याओं के समाधान में भी सहायक है। इस दौरान प्रतिनिधियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए और विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया।
संस्थान निदेशक डॉ. संजीव कुमार गर्ग ने संस्थान की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने औद्योगिक क्रांति-चार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन लर्निंग को आज के विद्यार्थियों की सबसे बड़ी जरूरत बताया। अमेरिका से आए डॉ. परवीन बाजार्ड ने इलेक्ट्रिक करंट पर कॉक्लियर इंप्लांट पर प्रभाव को उजागर किया। वैन स्मिथ ने टोरंटो विश्वविद्यालय कनाडा से ऑटिज्म के कारणों पर उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सतत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, डेटा प्रबंधन जैसे विषयों पर सत्र किए गए।
सम्मेलन के समापन में प्रतिभागियों को उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। दूसरे दिन की शुरुआत में अरकंसास स्टेट विश्वविद्यालय अमेरिका से प्रोफेसर डॉ. अलेक्जेंडर स्कोलोव ने गेंबा वॉक और मशीन लर्निंग पर व्याख्यान दिया। इसके बाद फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी से विपिन मेहता ने मेडिकल साइंस डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर श्रोताओं को संबोधित किया। गुल बेराम ने कनाडा से प्रबंधन विभाग एआई एंड रोबोटिक्स फॉर स्मार्ट लर्निंग में उभरते रुझान पर व्याख्यान दिया। भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रचना की जाएगी, जो मनुष्यों के मस्तिष्क से अधिक तीक्ष्ण है। यह बुद्धिमत्ता समस्याओं के समाधान बहुत तीव्रता से कर सकेगी, जो मनुष्य की क्षमता से परे है।
बुद्धिमान रोबोट जानकारी को संसाधित करने और निर्णय लेने के लिए जटिल एल्गोरिदम का उपयोग करते हैं। डेटा इनपुट विभिन्न स्रोतों से आता है, जैसे सेंसर, कैमरा और अन्य धारणा उपकरण। इस डाटा को फिर तंत्रिका नेटवर्क के माध्यम से संसाधित किया जाता है, जो मानव मस्तिष्क की संरचना और कार्य की नकल करने वाली प्रणाली है। अंत में डॉ. विवेक शर्मा ने वोट ऑफ थैंक्स और आने वाले सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।
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