यमुनानगर। ट्रामा सेंटर का नवीनीकरण कराना स्वास्थ्य विभाग के लिए जी का जंजाल बन गया है। करीब 80 लाख रुपये जमा कराने के बाद भी ट्रामा सेंटर के नवीनीकरण का कार्य अधर में लटका हुआ है। लोक निर्माण विभाग के इलेक्टि्रक विंग की लेट लतीफी से न केवल ट्रामा का मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो पा रहा, बल्कि मरीजों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीन माह पहले करीब 32 लाख रुपये जमा कराने के बाद भी आज तक इलेक्टि्रक विंग टेंडर प्रक्रिया को पूरी नहीं कर पाया है। वहीं नवीनीकरण का कार्य करने वाले कांट्रेक्टर भी काम शुरू करने को लेकर पहले ही पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को पत्र लिख चुके हैं।
ट्रामा सेंटर के नवीनीकरण पर करीब 47 लाख रुपये खर्च होना है। यह राशि स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी को जमा करवा दी थी। टेंडर होने के बाद कांट्रेक्टर ने अगस्त माह में ट्रामा सेंटर की मरम्मत शुरू कर दी थी। जब नवीनीकरण का 50 प्रतिशत कार्य हो गया तो इस भवन में इलेक्टि्रक कार्य कराने की याद आई। ट्रामा सेंटर के भवन में नई तार डालने, सुरक्षा उपकरण समेत अन्य कार्य करने के लिए पीडब्ल्यूडी के इलेक्टि्रक विंग ने करीब 32 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर स्वास्थ्य विभाग को दिया था।
स्वास्थ्य विभाग यह राशन तीन माह पहले जमा करवा चुका है, इसके बावजूद आज तक इसका टेंडर ही पूरा नहीं हो पाया। पांच माह पहले पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने यह कह कर मरम्मत का कार्य रुकवा दिया था कि पहले इलेक्टि्रक कार्य पूरा किया जाएगा। यदि इलेक्टि्रक कार्य का टेंडर समय पर हो गया होता तो नवीनीकरण का कार्य भी कभी का पूरा हो गया होता। क्योंकि कांट्रेक्टर को जनवरी माह में कार्य पूरा करके देना था।
मरीजों को हो रही है परेशानी:
ट्रामा सेंटर का नवीनीकरण पूरा नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वह इसलिए क्योंकि ट्रामा सेंटर को मरम्मत के चलते जिला नागरिक अस्पताल के भवन में शिफ्ट किया गया है। जिस कमरे में ट्रामा सेंटर शिफ्ट किया गया है उसमें महज पांच बेड लगाए गए हैं। जबकि जगह के अभाव में कुछ बेड बाहर रखे गए हैं। जिसका असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है।
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13 को खुलेगा टेंडर : नवीन राठी
पीडब्ल्यूडी इलेक्टि्रक विंग अंबाला के एक्सईएन नवीन राठी ने बताया कि इलेक्टि्रक कार्य के लिए टेंडर लगा रखा है जो 13 फरवरी को खोला जाएगा। टेंडर ओपन होने के दो से ढाई माह में कार्य पूरा कर लिया जाएगा। फंड देरी से ट्रांसफर होने के कारण टेंडर लगाने में देरी हुई है।