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Yamuna Nagar News: धान में नमी ज्यादा बताकर खरीद में आनाकानी

Sun, 01 Oct 2023 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। अनाज मंडियों में नमी बताकर धान को खरीदने में आनाकानी की जा रही है। इससे किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि वह धान को घर पर सूखा कर ला रहे हैं और अनाज मंडियों में भी धूप में डाल रहे हैं। इसके बावजूद नमी बताकर धान नहीं खरीदा जा रहा।
किसान मंडियों में धान की रखवाली करने को मजबूर हो गए हैं। किसानों को अनाज मंडियों में धान सुखाने में भी दिक्कत आ रही है, क्योंकि ज्यादातर सड़कें टूटी पड़ी हैं। ऐसे में धान को कहां पर सुखाएं। अनाज मंडियों में धान की सरकारी खरीद 25 सितंबर को शुरू हुई थी। तब से अब तक मंडियों में 44611 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है।
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हालांकि अभी धान की आवक कम है। माना जा रहा है कि तीन से चार दिन में आवक पूरी तरह से जोर पकड़ लेगी। आवक भले ही जोर पकड़े, लेकिन मंडियों में अभी भी किसानों को सुविधाओं की दरकार है। किसानों का कहना है कि समय रहते तैयारी कर ली होती तो अनाज मंडियों की यह हालत न होती।

जिले में इस साल धान का कुल रकबा 85 हजार हेक्टेयर है। मानसून सीजन में पांच दिन तक लगातार बारिश से जिले के 221 गांवों में पानी जमा हो गया था। खेत बारिश के पानी में डूब गए थे। पानी का बहाव इतना तेज था कि खेतों में खड़ी धान के अलावा अन्य फसलें भी बह गई थी।
कृषि एवं कल्याण विभाग के अनुसार जिले में 19578 हेक्टेयर धान की फसल बाढ़ में खराब हुई। इसमें से 1858 हेक्टेयर धान में 76 से 100 प्रतिशत, 5105 हेक्टेयर में 51 से 75 प्रतिशत, 6233 हेक्टेयर में 26 से 50 प्रतिशत व व 6380 हेक्टेयर में 0 से 25 प्रतिशत धान की फसल खराब हुई थी।

टूटी पड़ी हैं सड़कें
काठवाला गांव के किसान देसराज ने बताया कि वह चार एकड़ की धान अनाज मंडी जगाधरी में लेकर आए हैं। परंतु मंडी में धान सुखाने की जगह कम है। सड़कें टूटी हुई हैं। सड़कों से उखड़ी बजरी धान में मिल रही है। खरीद से पहले प्रशासन को मंडियों की मरम्मत करानी चाहिए थी।

नमी बताकर नहीं खरीदा धान
कैल गांव के किसान कर्मवीर सिंह का कहना है कि कटाई के बाद उन्होंने पूरा दिन धान को खेत में ही खुले में रखा। तेज धूप से धान अच्छी तरह से सूखी हुई है। वह मंडी में उसे बेचने लाए तो यहां पर अधिकारियों ने नमी की मात्रा अधिक बताकर उसे खरीदने से इंकार कर दिया। कह रहे हैं कि धान में नमी 23 प्रतिशत है। जब नमी 17 से 18 प्रतिशत हो जाएगी तब इसे खरीदेंगे।
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अच्छी तरह सुखाकर लाएं धान
मार्केट कमेटी जगाधरी के सचिव मोहित बेरी ने बताया कि किसान धान को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लाएं ताकि उन्हें फसल बेचने में किसी तरह की दिक्कत न हो। सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही धान की खरीदी जा रही है। अब आवक जोर पकड़ेगी।
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