चार दिन पहले जगाधरी के सिविल अस्पताल में डिलीवरी के दौरान हुई वंदना की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन शुक्रवार को जगाधरी शहर थाना प्रभारी से मिले। उनका आरोप है कि वंदना के इलाज में अस्पताल के डॉक्टरों ने लापरवाही बरती। चार दिन बाद भी पुलिस व स्वास्थ्य विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। वह कार्रवाई से असंतुष्ट है। जगाधरी शहर थाना प्रभारी जनकराज ने उनकी बात को सुना और कहा कि पुलिस अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है। उन्हें स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है। स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट आते ही मामले में आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। परिजन अब सोमवार को सिविल सर्जन को मिलेंगे।
उत्तर प्रदेश के गौंडा निवासी महेश ने बताया कि वह शांति कॉलोनी में रहते है। उसकी 20 वर्षीय पत्नी वंदना की डिलीवरी होनी थी। 15 मई को वह उसे सिविल अस्पताल जगाधरी में डिलीवरी के लिए लेकर गए। अगले दिन उसकी पत्नी की हालत ज्यादा बिगड़ गई। वह बार-बार डाक्टर को स्टाफ को बोलते रहे, लेकिन उन्होंने उसकी पत्नी की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। आरोप है कि स्टाफ का व्यवहार भी मरीज के प्रति सही नहीं था। उनका आरोप है कि वह दर्द से चिल्लाती रही, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। डिलीवरी के दौरान लापरवाही बरती गई, लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। जिससे उसकी पत्नी की तबीयत और बिगड़ की। तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर व स्टाफ ने उसकी पत्नी को रेफर कर दिया। जैसे ही एंबुलैंस चली तो कुछ दूरी पर जाकर उसकी पत्नी व पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। आरोप है कि डॉक्टर व स्टाफ की लापरवाही से उसकी पत्नी की मौत हुई है। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी थी। लेकिन पुलिस ने मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि यदि मामले में कोई कार्रवाई नही हुई तो वह सरकार से गुहार लगाएंगे।
शहर जगाधरी थाना प्रभारी जनक राज का कहना है कि मृतका वंदना के परिजन उनसे मिले थे। मामले की स्वास्थ्य विभाग जांच कर रहा है। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें रिपोर्ट का इंतजार है।
सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी का गठन किया गया है। जो मामले की जांच करेगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।