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Yamuna Nagar News: अवैध काॅलोनी में की रजिस्ट्रियां, अब सीएम फ्लाइंग की टीम ने दी दबिश

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बिलासपुर। जगाधरी रोड पर एमआर इंटरनेशनल स्कूल के पास आठ एकड़ में काटी गई अवैध कॉलोनी पर सीएम फ्लाइंग की टीम ने दबिश दी। इस कॉलोनी में प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा नियमों को ताक पर रखते हुए प्लॉट बेचे जा रहे थे। लोगों ने भी बिना पड़ताल किए इसमें प्लॉट खरीद कर निर्माण भी शुरू कर दिए। टीम ने प्रॉपर्टी डीलरों से कॉलोनी के दस्तावेज मांगे तो वह नहीं दिखा सके। इतना ही नहीं बिलासपुर के तहसीलदार ने भी इस कॉलोनी में प्लाॅट खरीदने वालों की रजिस्ट्रियां कर दी, जबकि जिला नगर योजनाकार की तरफ से तहसीलदार को पत्र जारी किया गया था किसी भी अवैध कॉलोनी में किसी प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं करनी है परंतु अधिकारियों ने सारे नियमों व आदेशों को दरकिनार करते हुए रजिस्ट्रियां की। ऐसे में अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी शक के दायरे में है। जिला नगर योजनाकार की तरफ से प्रॉपर्टी डीलर को नोटिस जारी करते हुए दस्तावेज मांगे गए हैं। साथ ही उसके खिलाफ थाना बिलासपुर में एफआईआर भी दर्ज कराई गई।
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सीएम फ्लाइंग की टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार बिलासपुर आशीष कुमार, डीटीपी यमुनानगर से जेई समीर कुमार, एसआई सुखविंद्र सिंह, एसआई बलवंत सिंह, चंदाखेड़ी व बिलासपुर के पटवारी के साथ टीम एमआर इंटरनेशनल स्कूल के पास काटी गई अवैध कॉलोनी में पहुंची। जेई समीर ने बताया कि चंदाखेड़ी क्षेत्र में नियमों की अवहेलना करते हुए आठ एकड़ में एक काॅलोनी काटी गई है, जिसमें मकान व दुकान बन रहे हैं। मौके पर मौजूद प्रॉपर्टी डीलर उनके कार्यालय से ली गई किसी तरह की अनुमति के दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इसके लिए डीलर को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एफआईआर करा दी गई हैं। साथ ही तहसीलदार को भी कई बार पहले कॉलोनी में रजिस्ट्री न करने के लिए लिखा गया था। अब फिर उन्हें लिख कर दिया गया है। वहीं बिजली निगम से भी कहा गया है कि इस काॅलोनी में किसी को भी बिजली का कनेक्शन जारी न किया जाए।
विदित हो कि बिलासपुर में चारों तरफ जिला नगर योजनाकार के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इससे सरकार को भी राजस्व का घाटा हो रहा है। प्रॉपर्टी डीलर लोगों को कॉलोनी में नालियां, गलियां, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज की सुविधा का लालच देकर महंगे दामों पर प्लाट बेच रहे हैं। प्लॉट बेचने के बाद डीलर रफूचक्कर हो जाते हैं। बाद में लोग मूलभूत सुविधाओं को तरसते रहते हैं। वहीं कॉलोनाइजर बनने के लिए हरियाणा सरकार की तरफ से लाइसेंस मिलता है। उसके बाद ही वह नियमित तरीके से कॉलोनी काट सकता है।
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