कपालमोचन मेले में माथा टेकने के बाद घर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा ट्रक
नेशनल हाईवे नंबर-73 पर छप्पर के सरस्वती पुल के नजदीक खाई में पलट गया।
ट्रक में 52 श्रद्धालु सवार थे।
हादसे में मृतकों की संख्या पांच बताई जा
रही है। लेकिन अधिकारिक तौर पर दो की पुष्टि हुई है। इनमें से एक जगाधरी और
एक यमुनानगर के सरकारी अस्पताल में हैं। हादसे में घायल 47 श्रद्धालुओं का
इलाज जगाधरी के सरकारी और यमुनानगर के ट्रामा अस्पताल के अलावा गधौली
स्थित निजी अस्पताल में चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए
अस्पतालों में अतिरिक्त डॉक्टरों व स्टाफ की तैनाती की गई है।
एसडीएम
आदित्य दहिया, डीएसपी अशोक सभ्रवाल, डीएसपी विजेंद्र विज ने घटनास्थल का
दौरा कर स्थिति का जायजा लिया, वहीं डीसी मंदीप सिंह बराड़ ने अस्पतालों
में पहुंचकर मरीजों को उचित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का आश्वासन दिया।
जानकारी के अनुसार बठिंडा के गांव बुच्चोकलां से एक ट्रक में 52 श्रद्धालु
सवार होकर कपालमोचन मेले में स्नान करने और माथा टेकने के लिए आए थे।
शुक्रवार शाम को जब वे वापस बठिंडा लौट रहे थे। जब उनका ट्रक हाईवे नंबर-73
पर छप्पर के नजदीक पहुंचा, तो ट्रक के आगे चल रही एक कार के चालक ने अचानक
ब्रेक लगा दी। श्रद्धालुओं से भरे ट्रक के चालक ने जब उसे देखा, तो उसका
पंजा एकाएक ब्रेक पर चला गया। इसके बाद अनियंत्रित ट्रक हाईवे किनारे खाई
में पलट गया। ट्रक पलटने के बाद वहां से महिलाओं व लोगों के चिल्लाने की
आवाजें शुरू हो गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
राहगीरों ने श्रद्धालुओं को ट्रक से बाहर निकाला। सूचना मिलने के बाद मौके
पर पहुंची छप्पर व सदर जगाधरी पुलिस ने एंबुलेेंस के जरिये श्रद्धालुओं को
जगाधरी के सरकारी अस्पताल में पहुंचाना शुरू कर दिया। अस्पताल में एकदम से
आए इतने घायलों को देखकर वहां मौजूद डॉक्टरों व स्टाफ के हाथ पांव फूल गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. एसके राठी ने
मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाला। गंभीर रूप से घायल दर्जन भर श्रद्धालुओं
को यमुनानगर के ट्रामा सेंटर में रेफर किया। जहां पर कई डा. विजय दहिया ने
टीम के साथ मरीजों को इलाज दिया। ट्रामा सेंटर में कई मरीजों की हालत गंभीर
बताई जा रही है। घायलों में महिलाओं की संख्या ज्यादा है। हादसे में एक
मृतक की शिनाख्त गांव बुच्चोकलां जिला बठिंडा निवासी काला के रूप में हुई।
हादसे में मारे गए दूसरे श्रद्धालु की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है।
यमुनानगर सिविल अस्पताल के अधीक्षक डा. विजय दहिया ने बताया कि मृतक की जेब
से जो कागजात मिले हैं, उसके आधार पर उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है।
डॉक्टरों व पुलिस टीम मिलकर मृतक की शिनाख्त में जुटे हैं।
हाईवे पर दो घंटे रही जाम की स्थिति
शुक्रवार
शाम छप्पर के पास श्रद्धालुओं से भरा ट्रक पलटने के बाद हाईवे पर दोनों
तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गई। करीब दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रहने
की वजह से वाहनों को रेंगते देखा गया। नेशनल हाईवे नंबर-73 संकरा होने की
वजह से ज्यादा मुश्किलें बढ़ी नजर आई। यही वजह है कि घायलों को अस्पताल में
पहुंचने में एंबुलेंस चालक व पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
उपायुक्त ने लिया घायलों की स्थिति का जायजा
उपायुक्त
मंदीप सिंह बराड़ ने सूचना मिलने के बाद यमुनानगर के ट्रामा सेंटर और
जगाधरी के सरकारी अस्पताल में पहुंचकर घायल श्रद्धालुओं की स्थिति का जायजा
लिया। उन्होंने कहा कि पहली प्राथमिकता घायलों को उचित इलाज मुहैया करवाना
है। डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घायलों के इलाज में किसी प्रकार
की कोई कोताही न बरतें।
हादसे में ये श्रद्धालु हुए घायल
हादसे
में घायल बठिंडा के गांव बुच्चोकलां निवासी करनैल कौर, जगदेव कौर, बलवंत
कौर, तेज कौर, बाऊ सिंह, जरनैल कौर का इलाज यमुनानगर के ट्रामा सेंटर में
चल रहा है, जबकि जगाधरी के सरकारी अस्पताल में जगशीर, सर्वजीत, गुरसेवक,
अमनदीप, रामसिंह, बलोरा सिंह, जसमेर कौर, सिंदर कौर, सुखप्रीत कौर, बुट्टा
सिंह, सुखपाल कौर शामिल हैं। पंद्रह घायल गधौली स्थित यमुना इंस्टीट्यूट के
अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जबकि कुछ श्रद्धालु मुलाना के अस्पतालों में
इलाज करवा रहे हैं।