नीलामी के वाहनों के रजिस्ट्रेशन में कथित फर्जीवाड़े का मामला चंडीगढ़ तक पहुंचने के बाद अब जांच तेज हो गई है। पुलिस अधीक्षक ने जगाधरी और बिलासपुर एसडीएम कार्यालय में रखा वाहन रजिस्ट्रेशन का रिकार्ड अपनी निगरानी में ले लिया है। वहीं वीरवार को उपमंडल अधिकारी नागरिक दर्शन सिंह का आपदा प्रबंधन विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर तबादला कर दिया गया है। हालांकि एचसीएस दर्शन सिंह ने इसे सरकार का रूटीन का काम बताया है। फिलहाल उनकी जगह अभी किसी को नियुक्ति नहीं दी गई है। वे शुक्रवार को या फिर नए अधिकारी की नियुक्ति तक कार्य संभाल सकते हैं।
वहीं इस मामले में दूसरे दिन भी स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम और एसपी कमलदीप गोयल ने जांच जारी रखी। अब इस मामले में भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा भी जोड़ी जा सकती है। जांच टीम इस संबंध में डीसी से अनुमति लेगी। माना जा रहा है कि जल्द ही इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है। पुलिस ने जगाधरी कार्यालय के दो कमरों में रखा वाहन रजिस्ट्रेशन का रिकार्ड भी सील कर दिया है। यहां पर पुलिस पहरा दे रही है। यदि कोई दस्तावेज चाहिए तो पुलिस को उसका वाजिब कारण बताना होगा। इस मामले में 21 जनवरी को केस दर्ज होने के बाद 22 जनवरी को ही एसपी कमलदीप गोयल ने जांच एसआईटी के हवाले कर दी थी। आरसी रजिस्ट्रेशन के मामले में एक नामजद अमित सिरसा कोर्ट में आत्मसमर्पण कर चुका है। उसके खिलाफ एसडीएम जगाधरी और एसडीएम बिलासपुर ने भी अलग अलग केस दर्ज करवाएं हैं।
गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी आई थी सामने
दरअसल जनवरी में सिरसा पुलिस ने रोहतक से सुनील चिटकारा नाम के शख्स को पकड़ा था। उसके पास से जगाधरी में रजिस्टर्ड तीन कारें बरामद की थी। जांच में इन गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी सामने आई थी। पूछताछ में सुनील ने 600 गाड़ियों के कागजातों में फर्जीवाड़े और जगाधरी एसडीएम आफिस के कर्मचारी राजेंद्र और अमित के इस मामले में शामिल होने की बात कबूली। सिरसा सी.आई.ए. की टीम जगाधरी एस.डी.एम. आफिस में रिकार्ड लेने पहुंची तो एस.डी.एम. दर्शन कुमार ने जांच में पाया कि जिन 3 वाहनों को सिरसा पुलिस ने पकड़ा उनकी फाइलें गुम हैं। वहीं 16 फाइलों में गड़बड़ी मिली। हालांकि जांच के बाद अब यह मामला 600 गाड़ियों से कहीं ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगा है। वहीं बिलासपुर एसडीएम ने 29 वाहनों का रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी की आशंका के बाद एफआईआर कराई थी।
वर्जन
ट्रांसफर का आरसी मामले से कोई मतलब नहीं है। सरकार के ऑर्डर हुए हैं। ट्रांसफर रूटीन का मैटर है। सरकार जो करती है वह ठीक होता है। कभी भी किसी का ट्रांसफर कर सकती है।
-दर्शन सिंह, एसडीएम, जगाधरी
सिरसा पुलिस का रिमांड पूरा होने के बाद यमुनानगर में बनी एसआईटी उसे रिमांड पर लेगी। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। अमित से पूछताछ के दौरान की सारी बातें सामने आएंगी। अन्य नामजद को भी पकड़ा जाएगा।
-कमलदीप गोयल, एसपी