संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की लगातार मौत हो रही है। एक महिला सहित पांच लोगों का शनिवार को कोरोना गाइडलाइन से अंतिम संस्कार किया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एक मौत हुई है। वहीं शनिवार को एक दिन में रिकॉर्ड 370 नए मरीज मिले हैं। हालांकि 353 संक्रमित मरीजों ने कोरोना को मात दी है। अब तक 12,865 संक्रमित मिले मरीजों में 11,406 स्वस्थ हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मॉडल टाउन के सरनी चौक निवासी 74 वर्षीय कोरोना संक्रमित महिला की मौत एक निजी अस्पताल में हो गई है। महिला हाइपरटेंशन की मरीज थी। दो दिन पूर्व सांस लेने में परेशानी हुई। परिजनों ने वृद्ध महिला को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर महिला को ऑक्सीजन पर रखा गया। वहीं पर शनिवार को महिला की मौत हो गई। वहीं श्मशान घाट के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को चार कोरोना संक्रमितों का अंतिम संस्कार कराया गया।
तीर्थ नगर के बाढ़ीमाजरा निवासी 60 वर्षीय कोरोना संक्रमित वृद्ध की मौत एक निजी अस्पताल में हो गई। गोविंदगढ निवासी 40 वर्षीय कोरोना संक्रमित व्यक्ति मौत ईएसआई कोविड-19 अस्पताल में हो गई। जगाधरी के जडौदा गेट निवासी 67 वर्षीय वृद्ध की मौत एक निजी अस्पताल में हो गई। तेजली रोड निवासी 86 वर्षीय वृद्ध की मौत भी एक निजी अस्पताल में हो गई। सभी शवों को अंतिम संस्कार कोरोना गाइडलाइन के तहत कराया गया।
सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने बताया कि शनिवार को कोरोना 1261 एक्टिव केस हो गए, जिनमें से 1048 संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है। अब तक 2,68,276 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। जिनमें से 2,51,284 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई हैऔर 2367 लोगों की रिपोर्ट लंबित है। जिले का कोविड-19 रिकवरी रेट भी गिरकर 88.65 प्रतिशत हो गया है।
ग्रामीण हुए ज्यादा लापरवाह
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में ग्रामीण क्षेत्र के लोग ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। गत वर्ष कोरोना से ग्रामीण क्षेत्र में कम ही लोगों संक्रमित हुए थे। अब ग्रामीण लापरवाह हो चुके हैं। ऐसे में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और कम स्टाफ है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का उपचार शहर में बने कोविड सेंटरों में लाकर किया जा रहा है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से कंटेनमेंट जोन बनाएं जा रहे हैं। लेकिन वहां सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोग अपने घरों से बाहर निकलकर दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं।