संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/रादौर। गांव रादौरी में तीन एकड़ जमीन बेचने के नाम पर एक परिवार के चार लोगों ने दो भाइयों से एक करोड़ रुपये की ठगी कर ली। एग्रीमेंट होने व रुपये लेने के बाद भी आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवाई। दबाव बनाने पर आरोपियों ने दोनों भाइयों को झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत मिलने पर रादौर पुलिस ने दंपती व उसके दो बेटों पर धोखाधड़ी समेत कई धाराओं मे केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
गांव मंसूरपुर निवासी निर्मल दत्त ने रादौर पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उसने व उसके भाई खिल्लीराम ने 16 दिसंबर 2017 को गांव रादौरी निवासी नरेश कुमार, उसकी पत्नी संतोष रानी, उसके बेटे राहुल व विपुल से में 3 एकड़ भूमि खरीदने का एग्रीमेंट किया था। एग्रीमेंट के तहत उन्होंने आरोपी नरेश कुमार को एक करोड़ रुपये की राशि बैंक के माध्यम से दी गई। इसके बाद 13 मार्च 2020 को दोनों पक्षों के बीच फुल पेमेंट एग्रीमेंट हुआ, जिसमें मोहनलाल व सुरेश कुमार को गवाह बनाया गया। इसके बाद 30 अप्रैल 2020 को भूमि की रजिस्ट्री करवाने की तारीख तय की गई। लॉकडाउन के चलते जमीन की सेल डीड नहीं हो पाई।
मई 2020 में जब तहसील कार्यालय खुले तब उसने व उसके भाई खिलीराम ने जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए नरेश कुमार से आग्रह किया। आरोपी टालमटोल करता रहा। इसके बाद दोनों पक्षों की रजामंदी से 31 अगस्त 2020 को रजिस्ट्री कराने का समय निर्धारित हुआ। इस दौरान वह बैंक से न तो एनओसी लाया और न ही इंतकाल दुरुस्त करवाया। इसके बाद 31 सिंतबर 2020 तक की अवधि बढ़ाई गई। इसके बाद भी नरेश कुमार व उसके परिजनों ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवाई।
आरोपियों ने उन्हें रुपये देने से मना कर दिया। आरोप है कि दोबारा रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। परेशान होकर उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। रादौर पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी नरेश कुमार, उसकी पत्नी संतोष रानी, बेटे राहुल व विपुल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना रादौर प्रभारी सुखविंद्र शर्मा ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर चारों आरोपियों पर धोखाधड़ी व जालसाजी का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।