संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। मुकारमपुर गांव में राशन वितरण के दौरान खाद्य एवं आपूर्ति विभाग पर गंभीर धांधली के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। स्थिति को देखते हुए लोगों ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को मौके पर बुला लिया। पुलिस के पहुंचते ही राशन वितरण को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया। पूरे मामले की शिकायत गांव निवासी राजीव गुप्ता ने की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में राशन वितरण दो ई-पॉस मशीनों के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन ये मशीनें जिन व्यक्तियों के नाम पर पंजीकृत हैं, वे न तो कभी गांव आए हैं और न ही ग्रामीण उन्हें पहचानते हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार एक मशीन डारपुर गांव के एक व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, जबकि दूसरी मशीन ताहरपुर निवासी सत नारायण के नाम बताई जा रही है।
राजीव गुप्ता का कहना है कि मशीनें किसी और के नाम पर रजिस्टर्ड हैं, जबकि राशन वितरण कोई अन्य व्यक्ति कर रहा है। यह व्यवस्था पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह से राशन बांटने से पात्र लाभार्थियों को पूरा राशन नहीं मिल पा रहा है और कालाबाजारी की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण को लेकर पहले भी सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की इसी कथित लापरवाही के चलते ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और राशन वितरण स्थल पर जमकर हंगामा हुआ। लोगों ने मौके पर ही राशन वितरण रुकवाने की मांग की और पुलिस को बुलाया।
सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल राशन वितरण बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक राशन वितरण शुरू नहीं किया जाना चाहिए।
वर्जन:
राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह से सही है और किसी भी प्रकार की धांधली नहीं की जा रही। कुछ राशन कार्ड अन्य गांवों से जुड़े हुए हैं, जिनका राशन इसी मशीन के माध्यम से वितरित किया जाता है। - सविता, इंस्पेक्टर, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग।