संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सफाई कामगार संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को कर्मचारियों के एक शिष्टमंडल ने मंत्री श्याम सिंह राणा और विधायक घनश्याम दास अरोड़ा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नियमितीकरण समेत कई मांगें पूरी करने की गुहार लगाई गई है।
राज्य महासचिव मांगे राम तिगरा ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने एक भी सफाई कर्मचारी और सीवरमैन को पक्का नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को पर्याप्त उपकरण और सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराए जा रहे, जिससे उनकी जान जोखिम में रहती है। मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती और विभागीय मंत्री विपिन गोयल के साथ हुई बैठक में मांगों को जायज माना गया था। अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं हुआ है।
संघर्ष समिति ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों के अनुसार सभी कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग उठाई। साथ ही मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक राज्य में 70 हजार सफाई कर्मचारी और 20 हजार सीवरमैन की स्थायी भर्ती करने तथा जोखिमपूर्ण कार्य के लिए 5000 रुपये मासिक जोखिम भत्ता लागू करने की मांग भी रखी गई।
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हजारों सफाई कर्मचारी काम बंद कर सड़कों पर उतरेंगे। प्रतिनिधिमंडल में राज्य महासचिव मांगे राम तिगरा, यमुनानगर इकाई प्रधान पपला, सचिव सुभाष, सह सचिव संजीत, विशिष्ट प्रधान रमेश कुमार, उप प्रधान जनक राज, उप प्रधान सनी, सदस्य संजय गहलोत व संजय सहित अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे।