संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। भगवान शिव को समर्पित श्रावण माह की शुरुआत अगले सप्ताह से हो रही है। इस बार यह मास अत्यंत मंगलकारी व दुर्लभ हैं। करीब 72 साल बाद ऐसे दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। इन संयोग में भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत लाभकारी होगा। इससे भक्तों के सभी मनोरथ सिद्ध और दोषों का नाश होगा।
श्रावण माह की शुरुआत 22 जुलाई से हो रही है। इसकी पहली विशेषता यह है कि इस माह का शुभारंभ भगवान शिव के दिन सोमवार से हो रहा है। महीने की शुरुआत सर्वार्थ सिद्धि महासंयोग में होगी। इस बार श्रावण माह में भगवान शिव की आराधना करने के लिए पूरे 29 दिन होंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित ललित शर्मा ने बताया कि श्रावण महीने में नक्षत्र कई अद्भुत एवं दुर्लभ संयोग बना रहे हैं। श्रावण महीना दुर्लभ व सर्वमनोकामना सिद्धि वाला होगा।
उन्होंने बताया कि यह संयोग करीब 72 वर्ष बन रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इस महासंयोग में विधि विधान व श्रद्धा से भक्त भगवान शिव की पूजन करते हैं, तो उनके सभी मनोरथ पूर्ण होंगे। पंडित शर्मा ने बताया कि पंचांग के अनुसार सावन महीने में चार शुभ संयोग बन रहे हैं। पहला की सावन की शुरुआत भगवान शिव के दिन सोमवार से हो रही है। वहीं यह श्रावण माह पंच सोमवारी है। यानी इस बार श्रावण महीने में पांच सोमवार होंगे।
श्रावण महीने की शुरुआत सोमवार को होगी तो इसका समापन पर भी सोमवार को होगा। भक्तों को 29 दिन भगवान शिव की पूजा का अवसर मिलेगा। वहीं इसमें सार्वर्थ सिद्धि योग बन रहा है। इसी संयोग में महीने की शुरुआत होगी। इसके साथ ही सोमवार में प्रीति योग और आयुष्मान योग का महासंयोग बन रहा।