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Yamuna Nagar News: दुर्लभ संयोग, 19 साल बाद 59 दिन का होगा सावन

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जगाधरी। सनातन धर्म में श्रावण के महीने का विशेष महत्व होता है। यह महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है।
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मान्यता है कि श्रावण में भगवान शिव की पूजा करने से पूरे साल की पूजा का फल मिलता है और कालों के काल महाकाल की कृपा भक्त पर बनी रहती है। वहीं श्रावण के सोमवार का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है। यह दिन भगवान शिव को समर्पित है। ऐसे में भगवान शिव के भक्तों के लिए यह वर्ष बेहद सुखद व उत्साह है। चूंकि इस बार भक्तों को भगवान शिव की पूजा करने का अतिरिक्त समय मिल रहा है।
एक दो दिन नहीं बल्कि भक्त एक माह अधिक भगवान शिव की पूजा कर अपने कार्य सिद्ध कर सकते हैं। चूंकि इस बार श्रावण एक नहीं बल्कि दो महीने का होगा। अधिक मास होने के कारण इस साल श्रावण महीना 59 दिन का होगा और इसमें आठ सोमवार होंगे। 19 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है। इससे पहले 2004 में ऐसा संयोग बना था, जिसमें सावन दो महीने का था।
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हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार श्रावण माह में कुल 59 दिन होंगे। इसमें आठ सोमवार पड़ रहे हैं। श्रावण माह चार जुलाई से शुरू होगा और 31 जुलाई को पूर्णिमा पर समाप्त होगा। दो महीने का श्रावण होने से भक्तों में विशेष उत्साह और उमंग है।

दो भागों में होगा श्रावण व्रत

बूड़िया निवासी ज्योतिषाचार्य एवं पंडित ललित शर्मा ने बताया कि इस बार हिंदू पंचांग के अनुसार अधिक मास है। इसका अर्थ है कि इस बार साल में 12 नहीं बल्कि 13 महीने होंगे। यह अधिक मास श्रावण का होगा। 19 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि श्रावण दो महीने का होगा। ऐसे में आदिदेव महादेव भगवान शिव की कृपा पाने का भक्तों को और अवसर मिल रहा है।
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उन्होंने बताया कि श्रावण माह 4 जुलाई से आरंभ होगा, जिसका समापन 31 अगस्त को पूर्णिमा पर होगा। अर्थात कुल 59 दिन तक श्रावण महीना चलेगा। वहीं श्रावण माह में 19 साल बाद मलमास भी पड़ रहा है। श्रावण पहले 13 दिन तक चलेगा। 4 जुलाई से 17 तक जुलाई, इसके बाद 18 जुलाई से 16 अगस्त तक मलमास रहेगा। इसका समापन अमावस्या को होगा। इसके बाद 17 अगस्त को फिर से श्रावण शुरू होगा, जो 31 अगस्त तक चलेगा। ऐसे में इस बार श्रावण का व्रत दो भागों में रखा जाएगा। पहला भाग में 13 दिन और दूसरे भाग में 15 दिन व्रत किया जाएगा।
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