संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। धान घोटाले को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश से धान लाकर व्यापारी सस्ते दामों पर खरीदते हैं और बाद में उसे एमएसपी पर महंगे भाव में बेचते हैं। इस पूरे खेल में व्यापारी, अधिकारी और नेताओं की मिलीभगत है। राकेश टिकैत मंगलवार को कैल गांव में किसान दलबीर सिंह के निवास स्थान पर पहुंचे थे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सीमा पार से आने वाले धान व चावल को रोकने के सवाल पर टिकैत ने स्पष्ट किया कि यदि धान ट्रक में लाया जा रहा है तो उसे रोका जाना चाहिए, लेकिन अगर कोई किसान ट्रैक्टर-ट्राली में अपनी फसल लेकर आता है तो उसे परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि असली खेल बड़े व्यापारी कर रहे हैं, जबकि छोटे किसान पहले ही संकट से जूझ रहे हैं।
किसान संगठनों का मकसद किसानों को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि गलत व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना है। जिले में पिछले चार महीनों से नेशनल हाईवे अधिकारियों के खिलाफ चल रहे धरना-प्रदर्शन को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि अब अधिकारियों से बातचीत करने का कोई फायदा नहीं है। बातचीत से रास्ता नहीं निकलता, बल्कि काम बंद करने से ही समाधान निकलेगा।
उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक काम न होने दें। टिकैत ने कहा कि किसान यदि अधिकारियों के पास जाएंगे तो उन्हें सिर्फ बातों में उलझाया जाएगा और समस्या जस की तस बनी रहेगी। जब नेशनल हाईवे अधिकारियों को यह एहसास होगा कि बिना रास्ता दिए काम आगे नहीं बढ़ेगा, तब वे मजबूर होकर रास्ता देने को तैयार होंगे।