यमुनानगर। दिवाली पर पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के विरोध में सोमवार को जिले के सभी पटाखा विक्रेता लघु सचिवालय पहुंचे। उन्होंने उपायुक्त पार्थ गुप्ता से पटाखों पर लगाई गई रोक हटाने का अनुरोध किया। उपायुक्त ने पटाखों पर लगी रोक जारी रखने की बात कही।
पटाखे विक्रेताओं का कहना था कि सरकार ने एनसीआर के अंतर्गत आने वाले 14 जिलों में बिक्री पर रोक लगाई है। यमुनानगर जिला एनसीआर में नहीं आता है और न ही यहां पर सरकार ने रोक लगाने की बात कही गई है। फिर भी जिला प्रशासन ने लगा दी है। पटाखा बिक्री के लिए पहले लाइसेंस जारी कर दिए गए थे। इस पर जिले के सैकड़ों दुकानदारों ने पटाखों की खरीद कर ली है। उन्होंने कहा कि वे लाखों रुपये ब्याज पर लेकर व्यापार में लगाने से उनकी रोजी-रोटी पर सवाल खड़ा हो गया है।
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उन्होंने कहा कि पिछले साल तो कोरोना संक्रमण के कारण पटाखे की बिक्री पर रोक लगाने की बात जायज थी। इस बार तो ऐसी कोई समस्या नहीं है। जिला उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेंद्र मित्तल ने कहा कि दिवाली पर छोटे व्यापारियों व दुकानदारों ने कर्ज लेकर माल की खरीदारी की है। अब बेचने का और दो रुपये कमाने का समय आया तो सरकार का जारी यह फरमान सरासर गलत है। हम सरकार से मांग करते हैं कि इस फैसले पर पुनर्विचार करें।
जब यमुनानगर एनसीआर के क्षेत्र में आता ही नहीं तो उस पर यह निर्देश लागू नहीं होते। उन्होेंने मांग की कि यहां के सभी पटाखा दुकानदारों को लाइसेंस जारी किया जाए॥ उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने पटाखा दुकानदारों से कहा कि हम लोगों की जान से खिलवाड़ नहीं कर सकते। पटाखा बिक्री पर रोक सरकार के आदेशानुसार लगाई गई है। पटाखों पर रोक जारी रहेगी।