संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध एवं तस्करी विरोधी दिवस के उपलक्ष्य में जिले में 17 से 26 जून तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों और जिला अस्पताल स्थित एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) में कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान नशा मुक्ति शपथ समारोह, चार्ट मेकिंग प्रतियोगिता, योग सत्र, हस्ताक्षर अभियान और नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया।
नशा मुक्ति शपथ समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों, मरीजों और आम नागरिकों को नशीले पदार्थों तथा अन्य व्यसनों से दूर रहने और समाज को नशा मुक्त बनाने में सहयोग देने की शपथ दिलाई गई। चार्ट मेकिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने नशे के दुष्प्रभावों और स्वस्थ जीवनशैली पर आधारित आकर्षक पोस्टर तैयार किए।
वहीं योग सत्रों के माध्यम से तनावमुक्त और स्वस्थ जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। उप सिविल सर्जन (मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति कार्यक्रम) डॉ. बुलबुल कटारिया ने कहा कि नशे की समस्या केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सामाजिक और पारिवारिक जीवन पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।
नशे की समस्या न छिपाएं : डॉ. नवीन
नोडल अधिकारी नशा मुक्ति केंद्र डॉ. नवीन ने बताया कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों के लिए जिला स्तर पर उपचार और परामर्श सेवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे की समस्या को छिपाने के बजाय समय रहते उपचार कराएं। डॉ. दिव्या मंगला ने जिलेवासियों से नशा मुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।