यमुनानगर। जिले में सुबह के समय रात जैसा नजारा दिखा। 22 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आए तूफान ने के बीच हुई बारिश और ओलावृष्टि ने सब कुछ अस्त व्यस्त कर दिया। कई क्षेत्रों में पेड़ टूटकर गिर गए तो कई क्षेत्रों में बिजली पोल टूट गए, जिससे जिले के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई। रादौर क्षेत्र में सुबह से लेकर शाम तक बिजली गुल रही। तेज हवा के साथ बारिश लगभग दो घंटे तक होती रही। इतना ही नहीं बिलासपुर की मंडियों में खरीद केंद्रों पर रखीं करीब डेढ़ लाख गेहूं की बोरी भी भीग गईं। वहीं कृषि जानकारों का कहना है कि तेज हवा के बीच हुई बारिश से बेलदार सब्जी की फसल को नुकसान पहुंचा है।
ट्विनसिटी में रविवार की सुबह अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। चारों तरफ घने काले बादल छा गए। कुछ देर बाद ही तेज आंधी शुरू हो गई और गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। जिले के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी हुई है। बारिश के चलते काफी बड़ी संख्या में मंडियों और खरीद केंद्रों में रखी गेहूं की बोरियां भी भीग गईं। अकेले बिलासपुर क्षेत्र की मंडियों में ही एक से डेढ़ लाख बोरियां भीग गई हैं। आढ़तियों और खरीद एजेंसियों के कर्मचारियों को तिरपाल से ढकने तक का मौका नहीं मिला और उन्हें तेज बारिश के बीच ही बोरियों को ढका। रविवार की सुबह लोगों के बिस्तर से उठने से पहले भी घने बादलों ने दस्तक दे दी और देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग के मुताबिक 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। ओलावृष्टि से टमाटर व अन्य बेलदार सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। तेज आंधी व बारिश से लिंक मार्गों पर पेड़ सड़कों पर गिरने से यातायात अवरुद्ध हो गया।
बिलासपुर की मंडियों में भीगा गेहूं
-रविवार सुबह अचानक हुई मूसलाधार बारिश व ओलावृष्टि ने बिलासपुर की अनाज मंडियों में रखी लगभग डेढ़ लाख बोरी गेहूं में भीग गई। लगभग 2 घंटे तक चली बारिश ये अनाज मंडी में डेढ़ से 2 फुट पानी जमा हो गया, जिसके कारण खुले में पड़े गेहूं की बोरियां पानी में डूब गई। हालांकि मार्केट कमेटी की ओर से मंडी में पानी निकासी को लेकर पंपिंग सेट की भी व्यवस्था की गई है, लेकिन अचानक तेज हवाएं के साथ बारिश होने से बिजली आपूर्ति बंद हो गई। जिसके कारण पर पंप सेट नहीं चले।
मार्केट कमेटी ने 12:00 बजे जनरेटर की व्यवस्था कर पंपसेट चला पानी निकासी का काम शुरू किया। अनाज मंडी के आढ़ती बरखा राम, चंद्र पाल शर्मा ,प्रधान दलजीत सिंह बाजवा, अवध बंसल ने बताया कि मंडी में खरीद शुरू होने से लेकर आज तक गेहूं उठान का कार्य कछुआ गति से चल रहा है, जिसके कारण किसानों व आढ़तियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा रहा है। धीमी गति से गेहूं का उठान होने से अनाज मंडी गेहूं की बोरियों से अटी पड़ी है। मंडी में इस समय अनाज लगभग दो लाख बोरियां उठान के इंतजार में आढ़तियों के पास पड़ी हैं। रंजीतपुर अनाज मंडी व बिलासपुर अनाज मंडी में प्रत्येक आरती के पास 10 से 15000 गेहूं की बोरी उठान के इंतजार में खुले में पड़ी हैं। वही रंजीतपुर अनाज मंडी में शेड ना होने की वजह से खुले में पड़ी हजारों बोरी गेहूं बारिश में भीग गई, जिसका सीधा नुकसान आढ़तियों को होगा। प्रधान दलजीत सिंह बाजवा ने बताया कि पानी में भीगे हुए गेहूं को दोबारा से खुले में सुखाकर पुन: बोरियों में भरना पड़ेगा, जिसके कारण आढ़तियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। आढ़तियों ने प्रशासन से गेहूं उठान में तेजी लाने की गुहार लगाई।