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Yamuna Nagar News: बारिश का पानी तो उतारा, खेतों में रेत से किसान परेशान

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जुलाई माह में हुई मूसलाधार बारिश को बीते डेढ़ माह हो चुका है। इसके बावजूद किसानों के जख्म हरे हैं। खेतों से पानी तो उतर चुका है, लेकिन उनमें कोई फसल नहीं है। जो फसल थी वह रेत के नीचे दब चुकी है। खेत में कहीं-कहीं धान की बालियां रेत को चीरते हुए बाहर निकली जरूर दिखती हैं। किसानों को यह भी नहीं पता कि गिरदावरी हुई भी है या नहीं, क्योंकि उनके सामने तो खेत तक न पटवारी आया और न ही दूसरा कोई अधिकारी। ऐसे में मुआवजा मिलना तो दूर की बात है। किसान मुआवजे के लिए भटक रहे हैं, लेकिन हाल फिलहाल में इसकी कोई उम्मीद नहीं लग रही। 11 जुलाई को बिलासपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बारिश व सोम नदी का पानी घुस गया था। सोम नदी में इतना उफान था कि पानी के साथ बह कर आई रेत भी खेतों में खड़ी धान व गन्ने की फसलों के साथ-साथ पशु चारा भी दब गया। किसानों के खेतों में रेत की तीन फीट से मोटी परत चढ़ी हुई है। सरकार ने पिछले दिनों कहा था कि खेतों में जो रेत जमा हो गया है किसान उसे बेच सकेंगे। परंतु अभी तक इसे लेकर कोई आदेश जारी नहीं हुए हैं। बाढ़ के पानी से सबसे ज्यादा नुकसान क्षेत्र के गांव रामगढ़ संवाई, सुंदरपुर, बहादरपुर, मलिकपुर बांगर, रकाली, बसातियांवाला, छौली समेत दर्जनों गांवों में हुआ था। करीब 200 एकड़ से अधिक फसल पानी की भेंट चढ़ी थी।
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गांव रूकाली के किसान रणदीप राठी, गुरदेव सिंह, सतबीर सिंह, परमिंद्र सिंह का कहना है कि बरसात के सीजन से पूर्व उन्होंने हजारों रुपये की लागत से नदी के समीप लगते खेतों को दुरूस्त करवाया था, लेकिन जुलाई में आई भारी बारिश के कारण नदी के उफान ने उनके खेतों की धान की फसल को पूरी तरह से खराब कर दिया। उन्होंने किसी तरह अपने आपकाे संभाल कर किसी तरह से दुबारा धान की पौध लगाई थी, लेकिन दोबारा नदी के पानी के उफान ने उनके खेतों में दो से तीन फीट तक रेत, मिट्टी व गाद को जमा कर दिया । जिसके कारण धान की फसल पूरी तरह से रेत में समा गई है। रेत व गाद जमा होने के कारण खेत भी उबड़ खाबड हो गए है।

किसान रणदीप रकाली, बंटी रकाली, करनैल व अनिल बसातियांवाला, बीर सिंह रामगढ़ का कहना है कि खेतों में इतना रेत जमा है कि वह उसमें कुछ कर भी नहीं सकते। प्रशासन की तरफ से ऐसा कोई काम नहीं किया गया जिससे दोबारा पानी आने पर उसकी निकासी की जा सके। काफी किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल में बाल आने लगी है, लेकिन उनके खेतों में अभी रेत ही दिख रहा है। सोम नदी हर साल उनके खेतों में कहर बरपाती है, फिर भी करोड़ रुपये खर्चने के बावजूद इतने सालों में स्थायी इंतजाम नहीं हो सका।
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एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल ने बताया कि तेज बारिश के कारण क्षेत्र के काफी किसानों को फसलों का नुकसान हुआ है। जिन किसानों की फसल पानी व रेत से खराब हुई हैं उन सभी को सरकार द्वारा जल्द मुआवजा दिया जाएगा।
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