रविवार दोपहर पहाड़ी क्षेत्राें में हुई बारिश के चलते सोम नदी उफान पर आ गई। नदी में पानी के तेज बहाव से नदी के साथ लगते दो दर्जन गांवों में पानी घुसने का खतरा बन गया है।
इससे नदी के दोनों ओर खेतों में खड़ी फसल को लेकर किसानाें की चिंता गहराने लगी है। उधर, गांवाें के लोगों का बाढ़ का भय सताने लगा है, उनमें प्रशासन के प्रति नदी पर बाढ़ बचाव के प्रबंध न किए जाने से रोष व्याप्त है।
बता दें कि रविवार दोपहर बाद बिलासपुर क्षेत्र से गुजरती सोम नदी उफान पर आ गई। नदी में पानी के तेज बहाव को देख रणजीत पुर, काठगढ़, भगवानपुर, उधमगढ़, शेरगढ़, बनकट, अलीशेरपुर, माजरा, रामगढ़, सवाई, धनौरा, भमनौली, उतम वाला, पानी वाला, काटरवाली, ललहाड़ी, खानू वाला, लोपयो, रानीपुर, संधाए, मुजाफ्त, मलिकपुर बांगर गांवों के ग्रामीण बाढ़ की आशंका के चलते भयभीत हो गए।
इस दौरान खासकर नदी के साथ काफी क्षेत्र में खेतों में खड़ी फसलों को लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ने लगीं। किसान दिनभर खेत में डटे रहे और नदी के बहाव की प्रार्थना करते दिखे।
हालांकि प्रशासन ने कुछ गांवों में नदी के किनारे पटड़ी का निर्माण किया गया है, किंतु बावजूद इसके ग्रामीणाें द्वारा प्रशासन के बाढ़ बचाव के कार्य को नाकाफी बताया जा रहा है।
क्षेत्र के साहब सिंह, अवतार सिंह, जयपाल, सुरेंद्र गुर्जर, विनोद, जागीर सिंह, बहादुर सिंह, राजबीर सिंह, दिलबाग, सोनू, राज कुमार ने कहा कि नदी के पानी में उफान आने से उन्हें अपनी फसलों की चिंता सताने लगी है।