संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बारिश के बाद मौसम में आई ठंडक से बिजली की मांग में थोड़ी कमी आई है, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली कटों से कुछ राहत मिली है। शनिवार को जिले में बिजली की खपत 92 लाख यूनिट से अधिक दर्ज की गई, जबकि 17 जुलाई को यह आंकड़ा 98.25 लाख यूनिट था। हालांकि बिजली की आपूर्ति में बीच-बीच में बाधाएं आती रहीं और उपभोक्ताओं को थोड़ी-थोड़ी देर के कटों का सामना करना पड़ा।
बिजली निगम के अनुसार रविवार को जिले में 937 शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि शनिवार को 2291 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। अधिकारियों का कहना है कि अधिक लोड बढ़ने के कारण तार टूटने, फ्यूज उड़ने और अन्य तकनीकी खराबियों की शिकायतें सामने आ रही हैं। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से बिजली की मांग कम हुई है, जिसका असर शिकायतों की संख्या पर भी पड़ा है।
राहत की बात यह है कि जिले में धान रोपाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, इसलिए बिजली आपूर्ति बाधित होने से कृषि कार्य पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। हालांकि अब किसानों के सामने खेतों में रोपी गई धान को सुरक्षित रखना सबसे बड़ा चिंता का कारण है। अधिकारियों का दावा है कि कृषि क्षेत्र के लिए निर्धारित समय से करीब दो घंटे अधिक बिजली आपूर्ति दी जा रही है जिससे वह फसलों की सिंचाई ठीक से कर सके।
किसानों ने अघोषित बिजली कटौती पर जताया रोष
साढौरा। साढौरा क्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन की बैठक नौशहरा फार्म हाउस में हल्का प्रधान सतपाल मानकपुर की अगुवाई में हुई। किसानों ने गांवों और खेतों में लगातार हो रही बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति पर नाराजगी जताई
किसानों ने कहा कि बिजली की कमी के कारण खेती के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों और खेतों में अघोषित कट लगाए जा रहे हैं, जिससे किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन आंदोलन करने का निर्णय लेगी।
बैठक में किसानों ने कृषि उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रस्तावित योजना का भी विरोध किया। इस अवसर पर जनकराज पांडो, नजीर खान, हनीफ, बलविंद्र, संजू, सुखदेव और रमेश चंद सहित अन्य किसान मौजूद रहे। किसानों ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु करने की मांग की। संवाद
व्यासपुर में बिजली लाइन में फाल्ट को ठीक करते कर्मचारी। संवाद