करीब दो साल बीत जाने के बाद भी जगाधरी रेलवे स्टेशन के नाम के साथ यमुनानगर का नाम नहीं जुड़ पाया है। शहर के कई व्यापारिक और सामाजिक संगठन इसके लिए कई साल से प्रयास कर रहे हैं।
स्टेशन में यमुनानगर का नाम न होने से बाहर से आने वाले व्यापारियों और मजदूरों को गलतफहमी का शिकार होना पड़ रहा है।
डेढ़ दशक पहले जगाधरी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर यमुनानगर करने की मांग उठी, लेकिन जगाधरी शहर के व्यापारियों और लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। बाद में इस पर सहमति बनी कि रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के बजाय इसके साथ यमुनानगर का नाम भी जोड़ दिया जाए।
शहर के कई व्यापारिक और सामाजिक संगठनों ने इसके लिए सांसद, मंत्री, विधायक और उच्च अधिकारियों से मुलाकात की और दर्जनों बार ज्ञापन भी सौंपें। करीब ढाई साल पहले तत्कालीन अंबाला सांसद कुमारी सैलजा के प्रयास से रेलवे ने जगाधरी रेलवे स्टेशन के नाम के साथ यमुनानगर का नाम जोड़ने की मंजूरी दे दी लेकिन अब तक रेलवे स्टेशन के नाम के साथ यमुनानगर का नाम नहीं जुड़ पाया है।
गलतफहमी का शिकार होते हैं यात्री
यमुनानगर जिले में प्लाइवुड और बर्तन इंडस्ट्रीज हैं, जहां हजारों की संख्या में दूसरे प्रदेशों के श्रमिक काम करते हैं। इन श्रमिकों के अलावा दूसरे राज्यों के व्यापारी भी यहां व्यापार के सिलसिले में आते हैं। जिले से अंजान लोगों को पहले तो टिकट लेते समय गलतफहमी होती है। रेलवे में यमुनानगर का कहीं नाम न होने से उन्हें यह नहीं पता चल पाता कि वे यमुनानगर आने के लिए कहां का टिकट लेें। ट्रेन में सवार होने के बाद अंजान यात्री जगाधरी रेलवे स्टेशन पहुंचकर यह सोच कर नीचे नहीं उतरते कि शायद इससे अगला स्टेशन यमुनानगर होगा। इस चक्कर में वे सहारनपुर या जगाधरी वर्कशाप रेलवे स्टेशन पहुंच जाते हैं।
यह दुर्भाग्य है कि जिले का नाम आज तक रेलवे स्टेशन के नाम के साथ नहीं जुड़ पाया। इसके लिए कई बार मंत्रियों, सांसद और रेलवे के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है।
महेंद्र मित्तल, प्रदेश अध्यक्ष, उद्योग व्यापारमंडल
देश में यमुनानगर ऐसा इकलौता जिला होगा, जिसके स्टेशन का नाम जिले के नाम पर नहीं है। इसका खामियाजा बाहर से आने वाले व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है।
सुशील कांबोज, प्रधान, यमुनानगर कंफेशनरी एसोसिएशन
बाहर से आने वाले यात्रियों खासकर अशिक्षित श्रमिकों को इससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रेलवे स्टेशन के नाम के साथ यमुनानगर का नाम जुड़वाने के लिए दैनिक रेल यात्री संघ ने दर्जनों बार रेलवे के आला अधिकारियों को पत्र लिखे हैं।
हरप्रीत सिंह, प्रधान, दैनिक रेल यात्री संघ
बाहर से आने वाले ज्वेलरी का कारोबार करने वाले व्यापारियों को इससे काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। अनजाने में उन्हें दूसरे स्टेशनों पर उतरना पड़ जाता है। उनके पास कीमती जेवर होते हैं, ऐसे में उनके साथ कोई वारदात भी हो सकती है।
राजेश वर्मा, प्रधान, मैढ सुनार परिषद
शहर के कई संगठन रेलवे स्टेशन के नाम के साथ यमुनानगर का नाम जोड़ने की मांग करते रहे हैं। दो साल पहले इसकी मंजूरी मिलने के बाद भी अब तक स्टेशन पर यमुनानगर का नाम नहीं जुड़ पाया है।
प्रवीण वर्मा, सदस्य, हरियाणा प्रदेश व्यापारमंडल
यह शहर के लोगों की मुख्य मांग रही है। प्रशासनिक अधिकारियों को इसके लिए गंभीरता से प्रयास करना चाहिए।
हरीश कोहली, सेक्रेटरी, पंजाबी सभा
जगाधरी रेलवे स्टेशन के नाम के साथ यमुनानगर का नाम होना बहुत जरूरी है। इससे जिले की पहचान उभर कर सामने आएगी।
राजेश सेठ, प्रधान, जनमंच संगठन
जगाधरी रेलवे स्टेशन के साथ यमुनानगर का नाम जोड़ने के लिए प्रशासन स्तर पर भी प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही रेलवे स्टेशन में यमुनानगर का नाम अंकित हो जाएगा।
डॉ. एसएस फुलिया, उपायुक्त, यमुनानगर।