पंजाब के साहेनवाल से शुरू होकर पश्चिम बंगाल के दनकुनी तक बनाए जा रहे इस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर का निर्माण तेजी से चल रहा है। यमुनानगर से होकर गुजरने वाले इस कॉरिडोर के निर्माण के चलते शहर के एकमात्र रेलवे फ्लाई ओवर पर पांच दिन तक ट्रैफिक का आवागमन बंद रहेगा। इसके तहत कमानी चौक से विश्वकर्मा चौक तक के रेलवे फ्लाई ओवर ब्रिज को 10 जून सायं 7 बजे से 15 जून सायं 7 बजे तक यातायात के लिए बंद रखा जाएगा। इस कार्य के लिए रेलवे और निर्माण कंपनी के अधिकारियों ने जिला प्रशासन और पुलिस से यातायात बंद रखने में सहयोग का अनुरोध किया था। जिस पर जिला प्रशासन ने शुक्रवार को फैसला लिया है।
जिला उपायुक्त मुकुल कुमार ने पुलिस विभाग को यातायात नियंत्रित करने और वाहनों का रास्ता बदलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विदित हो कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को पूरा करने का लक्ष्य वैसे तो जून-2021 था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से छह महीने का विस्तार दिया गया। हालांकि कई स्थानों पर जमीन अधिग्रहण में देरी हुई, इसलिए अब इसका समय बढ़ाकर जून 2022 कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों ने दावा किया है कि मार्च 2022 तक कॉरिडोर का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल न्यू खुर्जा से न्यू भाऊ पुर स्टेशन तक करीब 350 किमी के हिस्से पर मालगाड़ियां दौड़ रही हैं। पंजाब से न्यू खुर्जा तक के 404 किमी पर तेजी से काम चल रहा है।
यमुनानगर की इंडस्ट्री को होगा फायदा
-1839 किलोमीटर लंबा यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पंजाब में साहेनवाल से शुरू होकर पश्चिम बंगाल के दनकुनी में समाप्त होता है। फ्रेट कॉरिडोर ऐसी रेल लाइन से है, जिसका इस्तेमाल सिर्फ मालगाड़ियों के आवागमन के लिए किया जाएगा। अभी यात्री ट्रेन और मालगाड़ियां दोनों एक ही पटरी पर चलती हैं। इससे उनकी रफ्तार कम हो जाती है। इससे मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ेगी। यह मालगाड़ियों की गति को 25 किमी प्रति घंटा से 75 किमी प्रति घंटा कर देगा। यमुनानगर में कलानौर रेलवे स्टेशन के पास जंक्शन भी प्रस्तावित है। कॉरिडोर बनने से यमुनानगर शहर से माल ढुलाई खर्च में भी कमी आएगी और इसका सीधा फायदा उद्योगों को मिलेगा।
वर्जन
-यमुनानगर फ्लाई ओवर ब्रिज के नीचे रेलगाड़ियों के आवागमन के लिए सीमेंटेड बॉक्स डाले जाएंगे। इसलिए इस पुल पर यातायात को बंद रखना जरूरी है। उपायुक्त के माध्यम से पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया गया है कि वे इस पुल से गुजरने वाले यातायात को नियंत्रित करने और यातायात के वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था सुनिश्चित करने में निर्माण एजेंसी का सहयोग करें।-पीके गुप्ता, मुख्य महा प्रबंधक, डीएफसीसीआईएल