संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। सुबह के 11 बजे थे और यमुनानगर जगाधरी स्टेशन पर अन्यों दिनों की अपेक्षा रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेलवे पुलिस के कर्मचारियों की उपस्थिति काफी ज्यादा थी। ठीक 11 बजकर 28 मिनट पर श्रीगंगानगर से ऋषिकेश जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर दो पर रुकी। ट्रेन से कई टीटीई, आरपीएफ व जीआरपी कर्मचारी के साथ रेलवे मजिस्ट्रेट उतरे। इसके बाद प्लेटफार्म नंबर एक पर बने अपर श्रेणी के वेटिंग रूम में स्पेशल कोर्ट चली। इस कोर्ट में गलत तरीके से ट्रेन में यात्रा करने वाले 39 लोगों से 32,200 रुपये जुर्माना वसूला गया।
दरअसल यह पूरी घटना सोमवार को यमुनानगर जगाधरी स्टेशन पर मजिस्ट्रेट छापामारी के दौरान हुई। रेलवे मजिस्ट्रेट का यह कार्रवाई सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक चली। इस दौरान गाड़ी संख्या 64511, 12231, 15063, 14673, 14682, 14815, 20494, 14332, 12054, 15011 ट्रेनों में सघन चेकिंग अभियान चला। अलग-अलग गाड़ियों से नौ महिलाओं, दो किन्नर सहित कुल 39 लोगों को बिना टिकट, गलत टिकट पर यात्रा करते और रेल ट्रैक पार करने के जुर्म में पकड़ा गया।
वेटिंग रूम में बनी कोर्ट में विभिन्न रेलवे एक्ट की धाराओं में पकड़े लोगों की स्पेशल मजिस्ट्रेट सचिन कुमार के सामने पेशी हुई। कोर्ट ने अपराध श्रेणी के अनुसार लोगों पर जुर्माना किया और मौके पर जुर्माना लेकर रिहा कर दिया गया। यह कार्रवाई होली के कारण ट्रेनों में चल रही भीड़ में गलत तरीके से यात्रा कर रहे लोगों के साथ, अनाधिकृत वैंडर्स, ट्रेनों में अवैध रूप से सामान बेचने वालों के लिए की गई थी। परंतु इस दौरान कोई अनाधिकृत व अवैध वैंडर नहीं मिला।
मजिस्ट्रेट की कार्रवाई से स्टेशन पर काम करने वाले वैंडर्स अधिकारियों के सामने आने से बचते रहे। वहीं, विभिन्न विभागों में काम करने वाले रेलवे कर्मचारी भी इसे दूर बने रहे। मजिस्ट्रेट सहित रेलवे कोर्ट के अधिकारियों व कर्मचारी करीब डेढ़ बजे लौट गए। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। आरपीएफ कंपनी कमांडर मोहित त्यागी ने बताया कि इन दिनों होली के कारण ट्रेनों में काफी भीड़ है। ऐसे में लोग गलत श्रेणी का टिकट लेकर अन्य श्रेणियों में यात्रा कर रहे हैं।