यमुनानगर। गुरुद्वारा सिंह सभा जगाधरी वर्कशॉप में चार साहिबजादों की शहादत की स्मृति में निरवैर हेल्पिंग हैंड शेरे पंजाब ट्रस्ट एवं समूह साध संगत के सहयोग से भव्य कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्थों ने गुरबाणी व कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया और चार साहिबजादों के शौर्य व बलिदान का इतिहास विस्तार से सुनाया।
कीर्तन दरबार के दौरान साहिबजादों की शहादत की गाथा ने संगत को भावनात्मक रूप से एक सूत्र में बांध दिया। गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथी परगट सिंह ने संगत को बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की शहादत दिसंबर माह में, जिसे सिख परंपरा में पोह का महीना कहा जाता है, में हुई थी।
उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा मुगलों के विरुद्ध साहसपूर्वक संघर्ष, साहिबजादों की अद्वितीय वीरता और उनके अमर बलिदान की प्रेरक कथा से संगत को अवगत कराया। शहादत की गाथा सुनकर संगत भाव विभोर हो उठी। इस अवसर पर मानव सेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए गुरुद्वारा परिसर में निशुल्क नेत्र एवं दंत चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में मरीजों को निशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। कीर्तन दरबार के उपरांत लंगर बरताया गया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सभी आयोजकों, सहयोगी संस्थाओं और सेवाभावी सदस्यों का आभार प्रकट किया।