जगाधरी। शहर की रेलवे वर्कशॉप कॉलोनी में रहने वाले राघव बक्शी फुटबॉल के उभरते सितारे हैं। राघव फुटबॉल में अब तक 25 से ज्यादा पदक जीत चुका हैं। आठ वर्ष की आयु से फुटबॉल खेल रहे हैं राघव ने स्वयं को हर फॉर्मेट में ढाल लिया है। 10 साल में वे 40 से ज्यादा टूर्नामेंट में 25 से ज्यादा पदक जीतकर जिले व प्रदेश का नाम रोशन कर चुके हैं।
राघव ने अंडर-13, अंडर-14, अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 व अंडर-20 आयु वर्ग के टूर्नामेंट में कई पदक जीते हैं। शहर के संत निरंकारी सिंह पब्लिक स्कूल से राघव बक्शी ने 12वीं की परीक्षा दी है। वह आठ वर्ष की आयु से फुटबॉल खेल रहे हैं। राघव ने बताया कि पिता को देखकर उनमें फुटबॉल खेलने का रुझान बढ़ा। पिता हरीश बक्शी उन्हें अक्सर मैदान में ले जाते थे और उसे व्यस्त रखने के लिए फुटबॉल दे देते थे। वह स्वयं से खेलता रहता था। धीरे-धीरे रुझान बढ़ता गया और यह जुनून बन गया।
राघव ने बताया कि पहले उसने जिलास्तर पर इसका प्रशिक्षण लिया, इसके बाद वह अंबाला रेजिडेंसन अकादमी में चला गया। वहां एक साल अभ्यास किया और फिर यमुनानगर लौट आया। यहां उन्होंने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर करीब 40 टूर्नामेंट खेले हैं। वह हरियाणा के अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में खेल चुका है। वह चार बार राज्य स्तर पर खेल चुका है और एक बार पेन नेशनल टूर्नामेंट खेला है। राघव ने बताया उसका सपना भारतीय फुटबॉल टीम के लिए खेलना है। इसी लक्ष्य को लेकर वह लगातार अभ्यास कर रहा है।
यह हैं राघव की प्रमुख उपलब्धियां
वर्ष 2022 में सीबीएसई क्लस्टर कुरुक्षेत्र में खेला। वर्ष 2022 में सुब्रतो कप कुरुक्षेत्र में हिस्सा लिया। वर्ष 2022 में स्टेट टूर्नामेंट पानीपत में खेला। वर्ष 2023 में स्कूल स्टेट टूर्नामेंट करनाल में हुनर दिखाया। वर्ष 2023 में सुब्रतो कप कुरुक्षेत्र और 2023 में सीबीएसई क्लस्टर कुरुक्षेत्र में हिस्सा लिया। वर्ष 2024 में स्कूल स्टेट टूर्नामेंट पानीपत में भाग लिया। वर्ष 2024 में सीबीएसई क्लस्टर कुरुक्षेत्र और 2024 में ही सुब्रतो कप में खेला। वर्ष 2025 में स्कूल स्टेट टूर्नामेंट पानीपत खेला। यही नहीं वर्ष 2024 में नेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट बर्धमान पश्चिम बंगाल में खेला। वर्ष 2024 व 2025 में यूथ लीग दिल्ली में हिस्सा लिया। 2025 में देहरादून में मेमोरियल के तीन टूर्नामेंट खेले और 2025 में हरियाणा जोनल लीग खेली।