पैदल मार्च करती आरएएफ व पुलिस की टीमें। प्रवक्ता
यमुनानगर। जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने व किसी भी आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में कॉम्बिंग अभ्यास किया। जवानों ने विभिन्न इलाकों में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए रणनीतिक अभ्यास किया। आरएएफ और जिला पुलिस के अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलकर जिले के थाना जठलाना, रादौर और बूड़िया क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों में विशेष अभ्यास किया।
अभ्यास के दौरान आरएएफ के डिप्टी कमांडिंग ऑफिसर सतीश कुमार अपने जवानों के साथ मौजूद रहे। इसके अलावा संबंधित थाना प्रबंधक और उनके पुलिसकर्मी भी टीम के साथ शामिल रहे। पुलिस लाइन यमुनानगर से लिसनिंग ऑफिसर इंस्पेक्टर पृथ्वी सिंह ने भी अभ्यास के दौरान मौजूद रहकर पूरी गतिविधि की निगरानी की। इस दौरान जवानों को किसी भी आपात स्थिति, जैसे कानून व्यवस्था की समस्या, भीड़ नियंत्रण या अन्य संवेदनशील हालात से निपटने के तरीके बताए गए। प्राचार्या डॉ. सर्वजीत कौर ने बताया कि इसकी शुरुआत 1908 में न्यूयॉर्क से हुई थी। प्रोफेसर आरती अरोड़ा ने कहा कि भारतीय महिलाओं ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ममता मग्गो ने किया।
पैदल मार्च करती आरएएफ व पुलिस की टीमें। प्रवक्ता