संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर को रोशन करने के उद्देश्य से शुरू की गई एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजना अब सवालों के घेरे में आ गई है। नगर निगम 41,600 एलईडी लाइटें लगाने की महत्वाकांक्षी योजना पर पार्षदों ने गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एजेंसी निर्धारित मानकों के विपरीत कम वॉट की लाइटें लगा रही है। सेक्टर-17 में तो लाइटें लगाने का काम रोक भी दिया गया है।
परियोजना के तहत शहर में पुराने सोडियम लैंप, ट्यूबलाइट, सीएफएल और खराब पड़ी लाइटों को बदल कर एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं। इसके लिए पहले सर्वे कराया गया था, जिसमें 28 हजार नए प्वाइंट और 13 हजार पुराने प्वाइंट चिह्नित किए गए थे। निगम अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 23 हजार लाइटें लगाई जा चुकी हैं। हालांकि पार्षदों का आरोप है कि कई स्थानों पर तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई है।
नगर निगम की गाइडलाइन के अनुसार गली और सड़क की चौड़ाई के आधार पर 20, 36 और 45 वॉट की एलईडी लाइटें लगाई जानी हैं। वार्ड सात के पार्षद प्रियांक शर्मा का कहना है कि उनके वार्ड में हुडा सेक्टरों का अधिक क्षेत्र आता है, जहां सड़कें अपेक्षाकृत चौड़ी हैं। इसके बावजूद वहां कम वॉट की लाइटें लगा दी गईं। उनका कहना है कि इस मुद्दे को उन्होंने निगम की सदन बैठक में भी उठाया, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कम क्षमता की लाइटों से अपेक्षित रोशनी नहीं मिल पाएगी।
इसी तरह पार्षद भानू प्रताप का कहना है कि उनके वार्ड में लाइटें तो ठीक लगी हैं, लेकिन जो लाइटें खराब हो रही हैं उन्हें ठीक करने में बहुत देरी हो रही है। क्योंकि पांच साल तक एजेंसी को ही वारंटी में लाइटें ठीक करनी हैं। इसलिए एजेंसी के कर्मचारी आते हैं वह इन लाइटों को उतार कर ले जाते हैं। जिन्हें ठीक करके कई दिन बाद लगाया जाता है।
पार्षद विक्रम राणा का कहना है कि खराब लाइटों को शिकायत करने के बाद भी कई दिन तक ठीक नहीं किया जा रहा। जो लाइट 48 घंटे में लाइट ठीक हो जानी चाहिए वह कई दिन तक ठीक नहीं हो पाती। नगर निगम को लगाए गए लाइट प्वाइंट्स की तकनीकी जांच करानी चाहिए। जहां भी मानक से कम वॉट की लाइटें पाई जाएं, उन्हें तुरंत बदला जाए।
जो एजेंसी लाइटें लगा रही थी उसके पास लाइटों का स्टॉक खत्म हो गया था। जब तक निर्धारित वॉट की नई लाइटें नहीं आ जाती तब तक के लिए सेक्टर में लाइट लगाने का काम रुकवा दिया है। कम वाट की लाइटें बदलवा दी जाएंगी। - राजेश शर्मा, एसडीओ, नगर निगम।
यह मामला पार्षदों ने सदन की बैठक के माध्यम से हमारे संज्ञान में लाया है। डीसी एवं निगम आयुक्त प्रीति ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब करने को कहा है। अनियमितता पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - सुमन बहमनी, मेयर, यमुनानगर जगाधरी नगर निगम।