संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। चंदन तस्करी की पटकथा पर बनी दक्षिण भारतीय फिल्म पुष्पा का नाम खासा चर्चित रहा। वहीं शिवालिक की तलहटी में बसे यमुनानगर जिले में भी खैर की लकड़ी की तस्करी वालों का पुष्पा राज चल रहा है। आए दिन तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं। तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह पुलिस और वन विभाग की टीम पर हमला कर रहे हैं।
खैर की तस्करी कर रहे वन तस्कर लग्जरी गाड़ियों का प्रयोग कर रहे हैं। वहीं खैर तस्करों पर शिकंजा कसने को अब वन विभाग भी कमर कस चुका है। तस्करी रोकने के लिए अलग से विजिलेंस टीम का गठन किया गया। बीते बुधवार को साढौरा क्षेत्र के असगरपुर में पुलिस और वन विभाग की टीम ने खैर तस्करी की सूचना पर दबिश दी थी।
नाकेबंदी कर खैर की लकड़ी से लदी एक गाड़ी को पकड़ने का प्रयास किया तो वाहन चालक ने टीम को कुचलने का प्रयास किया। यही नहीं टीम ने वाहन का पीछा किया तो वह गाड़ी को मौके पर ही छोड़ कर फरार हो गए। उधर, साढौरा क्षेत्र से ही नाकाबंदी कर वन विभाग की टीम ने एक स्कॉर्पियो कार को पकड़ा था।
कार से खैर की लकड़ी बरामद की गई थी। उनके खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही प्रतापनगर क्षेत्र में भी खैर तस्करी को लेकर आठ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। रिकार्ड की बात करें तो पिछले तीन साल में 160 से अधिक केस दर्ज किए जा चुके हैं।
यमुनानगर जिले से लगते हुए शिवालिक क्षेत्र में वन विभाग की चार रेंज साढौरा, छछरौली, कलेसर और जगाधरी हैं। सबसे अधिक तस्करी के मामले कलेसर, छछरौली और साढौरा रेंज में ही हैं। जंगल के आस-पास के ग्रामीण ही तस्करी में सबसे अधिक सक्रिय हैं। जिसके दो कारण है एक तो तस्कर वन के रास्तों से परिचित हैं और दूसरा वन विभाग की टीम पर भी नजर रखने में आसानी होती है।
तस्करी रोकने के लिए बनाई विजिलेंस टीम : डीएफओ
डीएफओ वीरेंद्र गिल ने बताया कि खैर तस्करी के मामलों में वृद्धि हुई है। इसे देखते हुए जिले में वन तस्करी को रोकने के लिए रणनीति तैयार की गई है। रात को होने वाली तस्करी को रोकने के लिए अलग से विजिलेंस टीम का गठन किया गया है। टीम को रेंजर स्तर के अधिकारी लीड करेंगे और जिले के अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जाएगी। साथ ही बार-बार तस्करी में पकड़े जाने वाले वाहनों और अपराधियों की भी सूची तैयार की जा रही है। उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन रक्षकों को कुचलने के प्रयास के मामले
21 फरवरी को तस्करों ने साढौरा क्षेत्र में वन विभाग और पुलिस टीम को कुचलने के प्रयास किया था।
18 फरवरी को प्रताप नगर में तस्कर वनकर्मी को धक्का देकर फरार हो गया था।
तीन फरवरी को साढौरा क्षेत्र में खैर तस्करों ने पुलिस को देखकर दौड़ाई बुलेरो, नदी पुल पर छोड़कर फरार हो गए थे।
आठ सितंबर 2024 को बिलासपुर के मलिकपुर बांगर गांव के पास खैर तस्करों ने वन रक्षक व अन्य कर्मियों पर इनोवा गाड़ी चढ़ाकर कुचलने का प्रयास किया था। बाद में खैर तस्करों की गाड़ी अहड़वाला के नजदीक बिजली के पोल से टकरा गई थी। इसके बाद तस्कर फरार हो गए थे। बिलासपुर पुलिस ने चार आरोपियों पर केस दर्ज किया था।
29 अगस्त 2024 को बिलासपुर के संधाय गांव के पास खैर तस्करों ने वन रक्षकों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया था। तब आरोपी तस्कर फरार हो गए थे। पुलिस ने गाड़ी से 46 पीस बरामद किए थे। तब पुलिस ने आरोपी गाड़ी चालक को गिरफ्तार कर केस दर्ज किया था।
दो अगस्त प्रताप नगर थाना क्षेत्र में खैर तस्करों ने पुलिस व वन विभाग की टीम पर ट्रक व यूटिलिटी वाहन चढ़ाकर कुचलने का प्रयास किया था। तब पुलिस ने तस्करों पर केस दर्ज कर ट्रक से 298 खैर के पीस बरामद किए थे।