रादौर क्षेत्र के गांव बुबका में डिफाल्ट अमाउंट की रिकवरी अभियान के तहत बिजली कनेक्शन काटने गए विद्युत निगम कर्मचारियों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि कर्मचारियों ने एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया है। इस दौरान ग्रामीणों ने निगम कर्मचारियों को करीब दो घंटे तक बंदी बनाए रखा।
बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कर्मचारियों को छुड़ाया। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों और किसानों ने विद्युत निगम और सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
जानकारी के अनुसार बिजली निगम के फोरमैन श्यामदास, राजबीर, विनोद सहित बिजली निगम के करीब छह कर्मचारी गांव बुबका में यश पाल के घर पर गए। विद्युत निगम के कर्मचारियों ने एक ग्रामीण के घर पर जाकर महिलाओं को बिजली का लंबे समय से देय बिल भरने के लिए कहा।
इस पर घर पर उपस्थित महिलाओं ने कहा कि बिजली का बिल जल्दी ही भर देंगे, लेकिन निगम कर्मचारी नहीं माने और बिजली का कनेक्शन काटने लगे। मौके पर मौजूद महिला ने निगम कर्मचारियों को तारे काटने से रोका। आरोप है कि निगम के एक कर्मचारी ने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया।
इस बात से महिला क्रोधित हो गई। बाद में जब यह बात गांव के लोगों को पता चली तो लोग भड़क उठे। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने विद्युत निगम के फोरमैन श्याम दास, एएफएम देश राज, लाईन मैन विनोद, राजबीर लाइमेन, जगमाल एएलएम और अजय एएलएम को पकड़ लिया और उन्हें गांव के पंचायत भवन में ले गए।
भाकियू ने किया प्रदर्शन
घटना की जानकारी के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव विजय मेहता, धर्मबीर अमलोहा, धर्मपाल अमलोहा, कर्ण बुबका, पवन, सुभाष, धर्मपाल, सोहन, जयराम, देवी राम, रविन्द्र, ज्ञान चंद, शुभकरण, बलबीर सिंह सहित भारी संख्या में लोग पंचायत भवन में पहुंच गए। किसानों ने सरकार और विद्युत निगम के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस को दी शिकायत
ग्रामीणों ने कहा कि विद्युत निगम के कर्मचारी गांव में आकर घर पर मौजूद महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। ग्रामीणों ने इस बारे में रादौर पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को एक महिला ने निगम कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दी और कार्रवाई करने की मांग की है।
सरपंच या पंच के साथ घर में आए कर्मचारी:
बंधक बनाए गए सभी कर्मचारियों को पुलिस रादौर थाने र्ले आई। भाकियू के प्रदेश सचिव विजय मेहता ने कहा कि विद्युत निगम का कोई भी कर्मचारी जब गांव में जाए तो गांव के सरपंच, नंबरदार, पंच या चौकीदार को साथ लेकर किसी के घर जाए, क्योंकि इस समय घर में अधिकतर महिलाएं होती है। उन्होंने कहा कि विद्युत निगम के कर्मचारी ग्रामीणों को परेशान करते रहते हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
‘बिजली का बिल बकाया’
विद्युत निगम के फोरमैन श्याम दास ने बताया कि यशपाल के पास 51,203 रूपये का बिजली बिल बकाया है। कई बार निगम के कर्मचारी बिजली बिल अदा करने के लिए उसे सूचना दे चुके हैं, लेकिन बार-बार सूचना देने के बाद भी बिजली का बिल अदा नहीं किया। मंगलवार को बिजली कनेक्शन काटने के लिए गांव बुबका में गए थे। उन्होंने कहा कि महिला के आरोप निराधार हैं। समाचार लिखे जाने तक विद्युत निगम कर्मचारी एवं ग्रामीण पुलिस थाने में पहुंच गए थे और मामले को निपटाने के लिए दोनों पक्षों में बातचीत का दौर जारी था।