संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। घर से कॉलेज जाने की बात कहकर निकले विद्यार्थी फरलो पर रहते हैं तो इसकी खबर सीधे उनके अभिभावकों को मिल जाएगी। क्योंकि अब स्कूलों के तर्ज पर कॉलेजों में भी अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) होगी, जिसके लिए उच्चतर शिक्षा विभाग ने कॉलेजों को आदेश जारी कर दिए हैं।
आदेशानुसार पीटीएम के आयोजन से कॉलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे कॉलेज विद्यार्थियों की उपस्थिति से लेकर वह पढ़ाई में कैसे हैं, यह सब कुछ उनके शिक्षकों से अभिभावक जान सकेंगे। दरअसल, स्कूलों में हर माह पीटीएम होने से वहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की हर गतिविधियों में प्रगति रिपोर्ट शिक्षकों से अभिभावकों को मिल जाती है, पर अभी तक कॉलेजों में पीटीएम नहीं होती थी।
12वीं की पढ़ाई पूरी कर कॉलेज में यूजी में दाखिले लेने से तीन साल की पढ़ाई के दौरान पढ़ाई के साथ फीस भरने सहित अन्य गतिविधियों में विद्यार्थी स्वयं शामिल रहते हैं। अधिकांश के अभिभावकों को विद्यार्थियों की कॉलेज में उपस्थिति व पढ़ाई सहित अन्य गतिविधियों में वह कैसा है, यह पता नहीं लग पाता था।
ऐसे में काफी विद्यार्थियों द्वारा घर से कॉलेज जाने की बात कहकर कहीं ओर चले जाते हैं। साथ ही कई विद्यार्थी कॉलेज की पढ़ाई की गंभीरता से भी नहीं लेते। ऐसे में उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा कॉलेजों में भी पीटीएम कराने के निर्णय से कॉलेज में अभिभावकों की एंट्री मिलेगी। इसमें शिक्षकों से विद्यार्थियों की सभी जानकारियां उनके अभिभावकों को मिलती रहेगी। इससे कॉलेज में विद्यार्थी की उपस्थिति दर में सुधार के साथ उनकी पढ़ाई में गंभीरता भी बढ़ने की संभावना है।
प्रोफेसरों व अभिभावकों में बनेगा तालमेल : शर्मा
राजकीय कॉलेज सरस्वती नगर से प्रोफेसर राकेश शर्मा ने कहा कि अध्यापक व अभिभावक मीटिंग की पहल भविष्य में विद्यार्थियों के लिए उचित साबित होगी। इससे प्रोफेसरों व अभिभावकों का आपस में तालमेल बना रहेगा। अभिभावक पीटीएम से अपने बच्चे की हर गतिविधि पर नजर रख सकेंगे। कॉलेज स्तर पर शुरू होने वाली शिक्षक अभिभावक मीटिंग सराहनीय कदम है। इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति दर के साथ पढ़ाई में भी सुधार होगा।