जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी अरविंदर जीत कौर।
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यमुनानगर जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी अरविंदर जीत कौर ने कहा कि अक्षय तृतीया इस वर्ष 26 अप्रैल को मनाई जा रही है। अक्सर अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर विवाह समारोह की धूम रहती है। समाजिक संगठनों द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन भी कराया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई बाल विवाह करता या करवाया जाता पाया गया तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह कराने का सहयोग करने वाला चाहे वह कोई पंडित, मौलवी, पादरी, माता-पिता या रिश्तेदार ही क्यों ना हो इस अपराध में बराबर के दोषी होते हैं। बाल विवाह में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि विवाह के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए। कानून के तहत निर्धारित की गई आयु से कम आयु पर कोई शादी करता है तो उसके खिलाफ बाल विवाह खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। बाल विवाह करने वाले को दो साल की सजा व एक लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। अगर कोई लड़का नाबालिग लड़की से शादी करता है तो उस लड़के के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत भी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई अपने आसपास बाल विवाह होते देखे तो इसकी जानकारी तुरंत 100 या फिर 181 पर दे। सूचना देने वाले का नाम पता गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि बाल विवाह करना और करवाना गैर जमानती अपराध है।