संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में जिन किसानों की फसलाें को ओलावृष्टि व बारिश से नुकसान हुआ है उनके लिए राहत भरी खबर है। ऐसे किसान क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी खराब हुई फसलों की जानकारी दे सकते हैं। इसके लिए फिलहाल कोई आखिरी तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
इसके अलावा जिन किसानों ने मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा रखा है, वह 72 घंटे के भीतर अपने नजदीकी कृषि कार्यालय में इसकी सूचना दे सकते हैं। पोर्टल पर दी गई सूचना के आधार पर ही सरकार किसानों को खराब हुई फसलों का मुआवजा देगी।
मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर जिन किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवा रखा है उन्हें सूचना देने के साथ ही कृषि कार्यालय से रसीद भी दी जाएगी। ताकि बाद में जरूरत पड़ने पर कोई भी किसान रसीद को दिखाकर अपनी सूचना की पुष्टि कर सके। अभी तक जिले में फसलों को कितना नुकसान हुआ है इसका अनुमान नहीं लगाया जा सका है।
इसका सही आकलन पोर्टल पर दी गई जानकारी के बाद ही हो सकेगा। वैसे ओलावृष्टि व बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान सरस्वतीनगर क्षेत्र में हुआ है। जहां पकने के बाद सरसों की कटी हुई फसल खेतों में ही नष्ट हो गई। इससे अलावा पशुओं के लिए लगाई गई बरसीम, गेहूं की फसल व प्याज को भी काफी नुकसान हुआ है।
ओलावृष्टि से सोलर पैनल क्षतिग्रस्त
प्रतापनगर खंड के मांडेवाला गांव निवासी कृपाल सिंह ने बताया कि उसके खेतों में लगा सोलर पैनल ओलावृष्टि से खराब हो गया। उसने सरकार से सोलर पैनल 75 प्रतिशत सब्सिडी पर लगवाया था। पैनल लगाने के वक्त यह कहा गया था कि यदि प्राकृतिक आपदा की वजह से सोलर खराब होता है तो कंपनी की ओर से ठीक कराया जाएगा। सूचना देने के बाद भी अभी तक कोई ठीक करने के लिए नहीं आया है। अब उसे इस बात की चिंता सता रही है कि यदि सोलर पैनल समय पर ठीक नहीं हुआ तो वह फसल की सिंचाई कैसे कर पाएगा।
जिन फसलों को ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है, किसान क्षतिपूर्ति पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। साथ ही जिनका मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन है, वह 72 घंटे में नजदीकी कृषि कार्यालय में सूचना दे सकते हैं। कितना नुकसान हुआ है इसकी जानकारी पोर्टल पर दी गई सूचना के बाद ही पता चल सकेगा। - डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।