संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नए श्रम कानूनों (लेबर कोड) के विरोध में मंगलवार को सेंट्रल इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) और विभिन्न जनसंगठनों की ओर से जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने श्रम कानूनों की प्रतियां जलाकर और केंद्र सरकार का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान सीटू की जिला संयोजक शरबती देवी, किसान सभा के जिला प्रधान जरनैल सिंह सांगवान और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रेस प्रवक्ता गुलशन भारद्वाज ने केंद्र सरकार की श्रम संहिता लागू करने की नीति की कड़ी आलोचना की। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले विधानसभा चुनावों के कारण श्रम संहिता लागू करने की अधिसूचना रोककर रखी और चुनाव परिणाम आने के चार दिन बाद इसे लागू कर दिया।
नेताओं ने कहा कि नए लेबर कोड लागू होने से मजदूरों के अधिकार कमजोर होंगे, काम के घंटे बढ़ेंगे और नौकरी की सुरक्षा खत्म हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे ठेका प्रथा को बढ़ावा मिलेगा और कर्मचारियों का शोषण बढ़ेगा। वक्ताओं ने कहा कि नगरपालिका और फायर विभाग के कर्मचारी लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है।
उन्होंने कहा कि नगरपालिका कर्मचारियों की हड़ताल से शहरों की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है, जबकि फायर कर्मचारियों को पर्याप्त वेतन और सुरक्षा सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। नेताओं ने राज्य सरकारों से श्रमिकों के हित में श्रम संहिता में संशोधन करने और कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने की मांग की। प्रदर्शन में सीटू नेता सुनीता सुघ, राजेश कुमारी, मीनाक्षी शर्मा, विनोद त्यागी, महिपाल सौदे, प्यारे लाल तंवर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी, किसान और रिटायर्ड कर्मचारी मौजूद रहे।
शहर में प्रदर्शन कर नारेबाजी करते विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी। संवाद- फोटो : भारत-नेपाल सीमा पर गश्त करते एसएसबी व पुलिस के जवान।