यमुनानगर। आशा वर्कर्स यूनियन की जिला कमेटी ने विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद यूनियन की ओर से उपायुक्त प्रीति को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान उपायुक्त के साथ यूनियन प्रतिनिधियों की मांगों को लेकर बातचीत भी हुई। उपायुक्त ने आयुष्मान कार्ड बनाने के इंसेंटिव के संबंध में सिविल सर्जन यमुनानगर से बातचीत करने का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन की अगुवाई जिला प्रधान राजेश कुमारी ने की। यूनियन नेताओं राजेश कुमारी, नीलम, रामकुमारी, सतपाल सैनी, रोशन लाल और विनोद त्यागी ने कहा कि आशा वर्कर्स प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आशा वर्कर्स से काम तो लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें उचित इंसेंटिव नहीं मिल रहा। यूनियन की मांग है कि आयुष्मान कार्ड बिना किसी पैसे के बनाए जाएं और इसके लिए आशा वर्कर्स को निर्धारित इंसेंटिव का भुगतान किया जाए।
राजेश कुमारी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2025 में घोषित 1500 रुपये की मानदेय वृद्धि अभी तक लागू नहीं की गई है। इसके अलावा आरोग्य मंदिर ऐप-2024, टीबी सर्वे और पोलियो अभियान सहित विभिन्न कार्यों का बकाया भुगतान भी लंबित है। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर्स पर लगातार ऑनलाइन कार्यों का दबाव बढ़ाया जा रहा है, जिससे उनके नियमित स्वास्थ्य संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
राजेश कुमारी ने कहा कि सरकार ने समय रहते आशा वर्कर्स की मांगों का समाधान नहीं किया तो प्रदेशभर की आशा वर्कर्स सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर होंगी। प्रदर्शन को नीलम, सुनीता, विनोद त्यागी, सतपाल सैनी, रोशन लाल, राणो, रामकौरी, पूनम, राजरानी, आशा, सीमा, सुदेश, गुरमेल कौर और कुसुम ने भी संबोधित किया। संवाद
जगाधरी अनाज मंडी में सरकार विरोधी नारेबाजी करती आशा वर्कर। संवाद