फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बसों में आ रही दिक्कतों पर बस स्टैंड में गरजे विद्यार्थी

Fri, 22 Jan 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/यमुनानगर
विज्ञापन
विज्ञापन
 कॉलेज व स्कूल पहुंचने के विद्यार्थियों को बसों में बहुत दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है। पास होने के बावजूद भी परिचालक उन्हें टिकट लेने के लिए मजबूर करते हैं। बस चालक कॉलेजों के आसपास बने स्टॉपिज पर बसें नहीं रोकते और छात्रों को देखकर बस की स्पीड तेज कर देते हैं।
विज्ञापन


ये दिक्कत रोडवेज और प्राइवेट बसों दोनों में है। बसों में आ रही विभिन्न समस्याओं पर भड़के विद्यार्थियों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले गुरुवार को यमुनानगर बस स्टैंड परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने रोडवेज क्लर्क को रोडवेज जीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने बसों में विद्यार्थियों को आ रही दिक्कतों को दूर करने की मांग की।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सहमंत्री विक्रम राणा के नेतृत्व में दर्जनों विद्यार्थी गुरुवार को यमुनानगर बस स्टैंड पर पहुंचे। यहां उन्होंने बसों में आ रही विभिन्न समस्याओं को लेकर विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रोडवेज जीएम अश्वनी डोगरा के न होने पर उन्होंने रोडवेज जीएम के क्लर्क को ज्ञापन सौंपा और उन्हें जिले के विभिन्न रूटों पर विद्यार्थियों को आ रही दिक्कतों से अवगत कराया।
विज्ञापन


विक्रम राणा, सुमित पंवार, अंकुर प्रजापति, राहुल जोशी आदि ने बताया कि जगाधरी व यमुनानगर में अनेक कॉलेज, शिक्षण संस्थान और स्कूल हैं। जहां रोजाना हजारों विद्यार्थी कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों से पढ़ने के लिए आते हैं। इस दौरान गांव व कस्बों से आने के लिए विद्यार्थी रोडवेज बसों व प्राईवेट बसों के माध्यम से स्कूल व कॉलेज पहुंचते हैं। विद्यार्थियों ने स्कूल कॉलेज आने के लिए बसों में अनेक दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है।

आरोप है कि बस पास होने के बावजूद परिचालक विद्यार्थियों को टिकट लेने के लिए मजबूर करते हैं। टिकट न लेने पर परिचालक द्वारा विद्यार्थियों के साथ गलत व्यवहार करते हैं और उन्हें टिकट लेने के लिए विवश किया जाता है। इसके चलते विद्यार्थियों को कॉलेज, स्कूल व शिक्षण संस्थान जाने के लिए काफी दिक्कत होती है। उन्होंने रोडवेज जीएम को ज्ञापन देकर सरकारी व प्राईवेट बसों के चालक व परिचालकों को विद्यार्थियों के साथ सही व्यवहार करने, बस पास होने पर टिकट ना काटने और बस स्टॉप पर बस रोकने की मांग की।

विद्यार्थियों को देख भगा लेते हैं बस :
विद्यार्थियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित कॉलेज व शिक्षण संस्थान की छुट्टी के बाद जब व बस स्टॉप पर पहुंचते हैं। लेकिन कई बार रोडवेज बस चालक विद्यार्थियों को बस स्टॉप के पास बस नहीं रोकते। बस रोकने की बजाय और गति बढ़ा लेते हैं। वे सवारी उतारने के लिए बस स्टॉप से काफी आगे या काफी पीछे बस रोकते है। यहीं नहीं सुबह के समय भी कई बार रोडवेज बस चालक विद्यार्थियों को देखकर बसें नहीं रोकते।

छात्राओं के लिए अलग बसों की मांग :
विद्यार्थियों ने कहा कि कॉलेज आने जाने के लिए छात्राओं को भी बसों में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बसों में भीड़ होने के कारण छात्राओं को खड़े होकर सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में उनके साथ छेड़छाड़ की घटनाएं होती है। उन्होंने मांग की कि छात्राओं के लिए अलग से रोडवेज बसें शुरू की जाए। जिनके आगे केवल महिलाएं का बोर्ड लगा हो।

शॉर्ट हो रहे लेक्चर :
विद्यार्थियों ने कहा कि कॉलेज जाने के लिए वे सुबह से ही बस स्टॉप पर आकर खड़े हो जाते हैं। बसें बड़े स्टेशनों पर रुकती हैं, लेकिन छोटे बस स्टॉपिजों पर बहुत कम रुकती हैं। कई बार तो विद्यार्थियों को देखकर रोडवेज चालक बसों की गति बढ़ाकर बस भगा लेते हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि लगभग सभी रूटों पर रोडवेज बसों की यहीं हालत हैं। बस नहीं रुकने पर उन्हें कॉलेज पहुंचने में देरी होती है। ऐसे में उनके लेक्चर छूट जाते हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें