संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर यूनियन हरियाणा व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर जिलेभर की आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स ने शुक्रवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद सीडीपीओ कुसुम के माध्यम से विभाग के निदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन जिला प्रधान सुनीता सुघ व जिला सचिव सुनीता करहेड़ा की देखरेख में हुआ। यूनियन के राज्य कोषाध्यक्ष जय प्रकाश शास्त्री, सीटू जिला संयोजक शरबती और एसकेएस राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश की आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स लंबे समय से कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही हैं।
केंद्र सरकार द्वारा पिछले 10 महीनों से मानदेय रोके जाने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है और महंगाई के इस दौर में परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि क्रैच सेंटरों का किराया सरकार द्वारा जारी नहीं किया जा रहा, जिसके कारण वर्कर्स को अपनी जेब से खर्च उठाना पड़ रहा है।
बीपीएल महिलाओं को वितरित किए जाने वाले सेनेटरी पैड के रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने के फैसले का भी विरोध जताया गया और इसे अव्यवहारिक बताया गया। यूनियन ने वर्ष 2021-22 में बर्खास्त की गई वर्कर्स व हेल्पर्स का बकाया मानदेय तुरंत जारी करने की मांग की। साथ ही मांग रखी गई कि हरियाणा में आंगनबाड़ी कर्मचारियों को गुजरात की तर्ज पर ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए, मानदेय में वृद्धि की जाए तथा भुगतान हर माह की सात तारीख तक सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा केंद्रों का किराया नियमित देने, समय पर गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराने और पिछले तीन वर्षों की वर्दी का बकाया भुगतान करने की मांग भी उठाई गई। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 14 मई को पंचकूला स्थित महिला एवं बाल विकास निदेशालय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान रेखा सैनी, रोशन लाल, विनोद त्यागी, जोत सिंह, दयावती, मीना, पूनम, सुनैना, कौशल्या व अलका सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।