संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नशा तस्करों का नेटवर्क तोड़ना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। तस्करों की कमर तोड़ने के लिए अब उनकी संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई को तेज कर दिया है। नशा तस्करों के साथ उनके रिश्तेदारों की संपत्ति की भी पुलिस की रडार पर आ गई है। अब तक जिले में 82 तस्करों और उनके सात रिश्तेदारों की 45 करोड़ से अधिक की संपत्ति को जब्त किया जा चुका है।
प्रदेश में नशा तस्करों का नेटवर्क अपनी जड़े मजबूत कर चुका है। यमुनानगर जिला यूपी और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर होने के कारण नशा तस्करों के गढ़ के रूप में सामने आया है। यमुनानगर में वाणिज्यिक मात्रा में तस्करी के मामले तेजी से बढ़े हैं।
अभी तक वाणिज्यिक मामलों में जिले में 37 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। नशा तस्करों का यह नेटवर्क तोड़ने के लिए पुलिस ने पिछले 11 माह में बड़ी कार्रवाई की है।
बड़ी मात्रा में तस्करी करने वाले आरोपियों की सूची तैयार की उनकी सपत्ति को जब्त किया जा रहा है। तस्करों के साथ साथ उनके रिश्तेदारों की संपत्ति को भी इसमें शामिल किया गया है। एनसीबी के रिकार्ड के मुताबिक, पिछले 10 माह में जिले में 82 तस्करों और सात उनके रिश्तेदारों की 45 करोड़ 56 लाख रुपये की संपत्ति को जब्त किया जा चुका है। कुछ तस्करों की संपत्ति को चिन्हिति करने की तैयारी चल रही है। गतवर्ष जिले में तस्करों की 13 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई थी।