संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील की सामग्री खत्म होने से कई स्कूलों में भोजन व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि यदि समय पर सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई तो योजना को सुचारु रूप से चलाना मुश्किल हो सकता है।
संघ के राज्य महासचिव विनोद मोहड़ी ने बताया कि जनवरी माह में विद्यालयों को जनवरी और फरवरी के लिए एक साथ राशन सामग्री उपलब्ध करवाई गई थी। इसमें दालें, काला चना, गुड़, सोया चूरा, सोया आटा, सरसों का तेल, जीरा, नमक, सौंफ, धनिया और गरम मसाला जैसी सामग्री शामिल थी। उन्होंने कहा कि अधिकांश विद्यालयों में यह सामग्री फरवरी के अंत तक समाप्त हो चुकी है, जिससे मिड डे मील तैयार करने में दिक्कतें आने लगी हैं।
उन्होंने बताया कि कई स्कूलों में मिड डे मील इंचार्ज और स्कूल मुखिया अपने स्तर पर व्यवस्था बनाकर भोजन तैयार करवा रहे हैं। इसके लिए उन्हें खत्म हो चुकी सामग्री बाजार से खरीदनी पड़ रही है, जबकि विभाग की ओर से इस बारे में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
संघ के जिला प्रधान सतपाल ने बताया कि विभाग द्वारा जारी पत्र में गैस, सब्जी, दूध-दही और अन्य खर्च का विवरण दिया गया है, लेकिन प्राथमिक और मिडिल स्तर के विद्यार्थियों के लिए सब्जी खर्च में काफी अंतर रखा गया है। इसके अलावा कई विद्यालयों में हर महीने दो से तीन गैस सिलेंडर की आवश्यकता पड़ती है।
निर्धारित ईंधन राशि से यह खर्च पूरा नहीं हो पाता। संघ ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालयों को मिड डे मील की सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन मिल सके और योजना प्रभावित न हो।