संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रोडवेज की यमुनानगर वर्कशॉप इन दिनों गंभीर स्टाफ संकट से जूझ रही है। पहले ही स्थिति यह थी कि वर्कशॉप में बसों की मरम्मत के लिए पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं थे, वहीं अब हालात और बिगड़ गए हैं। वर्कशॉप में कार्यरत तीनों मैकेनिकों के ट्रांसफर ऑर्डर पिछले दिनों जारी हो चुके हैं। यदि ये तीनों कर्मचारी रिलीव कर दिए जाते हैं, तो वर्कशॉप में एक भी मैकेनिक नहीं बचेगा। यही वजह है कि रोडवेज अधिकारियों ने फिलहाल उन्हें रिलीव न करने का निर्णय लिया है।
रोडवेज वर्कशॉप में दो दर्जन से अधिक बसें नियमित रूप से सर्विस और रिपेयरिंग के लिए आती हैं। इनमें से कई बसें तकनीकी खराबियों के कारण लंबे समय से खड़ी रहती हैं। मैकेनिक की कमी के कारण मरम्मत का काम पहले ही धीमा चल रहा है। बसों को समय पर रोड पर नहीं भेजा जा रहा है।
ऐसे में यदि तीनों मैकेनिक को ट्रांसफर के तहत दूसरे डिपो भेज दिया गया तो वर्कशॉप में खड़ी खराब बसें लंबे समय तक बाहर नहीं निकल पाएंगी। इसका सीधा असर आम यात्रियों की सुविधा पर पड़ेगा क्योंकि बसों की संख्या घटने से रूट प्रभावित होंगे। वहीं रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से वर्कशॉप में स्टाफ की कमी बनी हुई है।
इसकी तरफ बार-बार ध्यान दिलाया जाता रहा, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यदि समय रहते मैकेनिकों की नियुक्ति नहीं की गई, तो वर्कशॉप पूरी तरह निष्क्रिय होने की स्थिति में पहुंच सकती है। आईटीआई पास छात्र रोडवेज वर्कशॉप में अप्रेंटिस कर रहे हैं। यदि अप्रेंटिस न हो तो रोडवेज वर्कशॉप में सारे काम लटक जाएंगे।
वर्जन:
रोडवेज वर्कशॉप में कर्मचारियों की कमी के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया हुआ है। बसों की मरम्मत का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। - संदीप रावल, महाप्रबंधक, यमुनानगर डिपो।